फिरोजाबाद। ईरान पर जारी हमलों और अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच फिरोजाबाद का प्रसिद्ध कांच और चूड़ी उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। गैस कोटा में 20 प्रतिशत कटौती के बाद शुक्रवार को शहर के 50 से अधिक चूड़ी कारखानों में भट्ठियां ठंडी पड़ गईं।
इसके साथ ही करीब दो दर्जन से अधिक ऑटोमैटिक प्लांट और माउथ ब्लोइंग इकाइयों में भी कांच उत्पादन का पहिया थम गया है। इस स्थिति से हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गैस कोटा में कटौती से उद्योग में मची खलबली
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हमलों के कारण उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी के चलते सरकार ने गैस कोटा में 20 प्रतिशत तक कटौती कर दी है।
उद्यमियों को निर्देश दिया गया है कि वे पिछले छह माह की खपत के आधार पर ही गैस का उपयोग करें। यदि इससे अधिक गैस का उपयोग किया जाता है तो उन्हें महंगी दरों पर गैस खरीदनी पड़ेगी।
कई औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन ठप
गैस दरों को लेकर अब तक स्पष्टता न होने के कारण शहर के कई औद्योगिक इलाकों में उत्पादन बंद हो गया है।
राजा का ताल, ढोलपुरा, नगला भाऊ औद्योगिक क्षेत्र, सुहाग नगर, स्टेशन रोड, नगला बरी और जाटवपुरी से मक्खनपुर तक टैंक और पाट फर्नेस वाले 50 से अधिक कारखानों में चूड़ी उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है।
कारखाने बंद होने से इन इलाकों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और मजदूरों के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है।
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