उत्तर प्रदेश

इस्लाम अमन की बात करता है,आतंकवाद के खात्मे के लिए सूफीवाद पर चलें,युवाओं को शिक्षित करें: सूफ़ी कौसर मजीदी

फिरोजाबाद। देश भर में हिंदू मुस्लिम भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के लिए,भारतीय सूफियों का अग्रणी संगठन सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन लगातार अभियान चला रहा है

,सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी एडवोकेट के नेतृत्व में अखिल भारतीय स्तर पर सूफीवादी विचारधारा और परंपरा के साथ सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं,इसी कड़ी में दरगाह हजरत फिरोज़ शाह रहमतुल्लाह अलैह पर 553 वें उर्स के मौके पर सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन द्वारा “हुस्न इखलाक की तालीम और इस्लाम,सूफियों का योगदान” विषय पर राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन का आयोजन किया गया।पैग़म्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के फरमान “जिसका इखलाक जितना बुलंद है उसका ईमान उतना बुलंद है” की रोशनी में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए

,दरगाह शरीफ हजरत फिरोजशाह के सज्जादा नशीन यूसुफ बाबा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने,आतंकवाद की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए,उसे इस्लाम से जोड़ने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि,इस्लाम हरगिज ऐसे किसी काम की इजाजत नहीं देता जो लोगों पर ज़ुल्म करता है,हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की दिल जोड़ने वाली हदीस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि,जो इस्लाम दिलों को जोड़ने पर बिना हिसाब जन्नत की बशारत देता है,वो निर्दोषों की हत्या की बात कर ही नहीं सकता।


उन्होंने कहा कि आज देश में नफरतों का माहौल तैयार किया जा रहा है,सोशल मीडिया के दुरूपयोग से माहौल को खराब किया जा रहा है,हमे इन सबका मोहब्बत से और सही तथ्यों को पेश करके जवाब देना होगा,जिसके लिए शिक्षित होना होगा,और दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त करनी होगी,इसके लिए उन्होंने महिलाओं को सशक्त होने का आवाहन किया।


सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय सचिव और दरगाह माफ़ी कदम रसूल आगरा के सज्जादा नशीन सद्भावना दूत शेख़ मोहम्मद शफीक बाबा लाल शाह कादरी अशरफी ने,कहा कि भारत के सूफियों ने भाईचारे की शिक्षा को आगे बढ़ाया है, हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज़ का फरमान “मोहब्बत सबके लिए” इस बात का स्पष्ट प्रमाण है,उन्होंने हुस्न इखलाक का जिक्र करते हुए कहा कि,इमाम जैन उल आबिदीन से एक भूखे ने खाना खाने के बाद पूछा कि क्या आप मुझे जानते हैं,तो इमाम ने कहा हां तुम वही हो जिसने हमारे कैदी होने पर हमे पत्थर मारे थे,तब उस आदमी ने कहा कि फिर आपने खाना क्यों खिलाया, तब इमाम ने फरमाया कि कैदी को पत्थर मारना तुम्हारी परंपरा है,और भूखे को खाना खिलाना हमारी संस्कृति।


इस मौके पर सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन यूथ विंग उत्तर प्रदेश इकाई प्रदेश अध्यक्ष सूफ़ी सलमान शेख कादरी शफीकी ने युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि,युवाओं को सशक्त किए बिना हम तेजी से उन्नति नहीं कर सकते हैं, उन्होंने दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया।खानकाह नबी हसनी आगरा के सज्जादा नशीन और सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष सूफ़ी अहमद हसन ने कहा कि,मोहब्बत वो जरिया है जो हमेशा हमेशा के लिए दुश्मनी खत्म करता है,नफरत के इस दौर में हमें सूफियों की मोहब्बत की तालीम पर चलने की जरूरत है

, सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सूफ़ी शाकिर कादरी शफीकी ने,देश में सौहार्द के लिए सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन के अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन में जुड़ने की अपील की, कार्यक्रम का संचालन करते हुए ।

सूफी खानकाह एसोसिएशन उत्तर प्रदेश इकाई प्रदेश उपाध्यक्ष सूफ़ी शमशुद्दीन पप्पन मियां ने कहा कि,हमारे बुजुर्गों के आस्ताने और उन पर होने वाले आयोजन भाईचारे को मजबूत करते हैं।दरगाह प्रबंधक गुड्डू भाई ने आए हुए अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन के पदाधिकारियों उर्स आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित हजारों लोग मौजूद रहे।