उत्तर प्रदेश

नूरानी और बरकत वाली रात है शबे बरात.. मौलाना याकुबी


इस्लामिक सेंटर ने जारी की एडवाइजरी ना करें मोटरसाइकिल से स्टंट और पटाखे ना छुड़ाएं … 13 फरवरी को होगी शबे बरात।


फिरोजाबाद।इस्लामिक सेंटर के सचिव मौलाना आलम मुस्तफा याकुबी ने शबे बरात के अवसर पर एडवाइजरी जारी की है मौलाना ने कहा है कि शबे बारात एक नूरानी और बरकत वाली और तौबा वाली रात है इस मौके पर खूब इबादत की जाती है। नफिल नमाजे पढ़ी जाती है कुरान की तिलावत की जाती है दुरूद और वज़ीफ़े पढ़े जाते हैं, इसमें उमरी क़ज़ा नमाज़ भी पढ़ी जाती है, इस नूरानी रात में अपने और दूसरों के लिए दुआएं मांगे सदक़ा खैरात करें, और जो लोग दुनिया से चले गए हैं उनके लिए दुआएं मगफिरत करें। अगले दिन का रोजा मुस्तहब है। इस अवसर पर मौलाना याक़ूबी ने कहा शबे बरात में ज्यादा से ज्यादा करें सदका खैरात, और तौबा असताग़फार,उन्होंने कहा अपने घर में रहकर करें इबादत, कब्रिस्तान जाने वाले पार्किंग के लिए मुकर्रर जगह पर अपनी गाड़ी खड़ी करें ताकि किसी को परेशानी ना हो शाबान का पूरा महीना बड़ी फजीलतों का है इसलिए ज्यादा से ज्यादा सदक़ा खैरात करें शबे बरात इबादत की रात है इस रात को किसी तरह की पटाखे ना छुड़ाएं,मस्जिद या घर में इबादत करें इस रात मोटरसाइकिलों से स्टंट ना करें और दूसरे फुज़ूल के कामों से परहेज करें, इस रात कोई ऐसा काम ना करें जो दूसरों की तकलीफ का सबब हो यह गुनाह है इस रात गुनाह से बचें।


इस रात अपनी घर वालों के साथ मुल्क की हिफाजत की और अमन व आमान की दुआ करें जरूरतमंदों गरीबों और बीमारों की मदद करके अपने मरहूमीन को सवाब पहुंचाएं 15 शाबान का रोज़ा रखना सवाब है, इसलिए जो चाहे वह रोजा रखें।


इस रात होता है बंदों की रोजी उमर सेहत और जिंदगी का फैसला। मौलाना ने शबे बरात की फजीलत बयान करते हुए कहा कि शबे बरात बड़ी खूबसूरत रात है इस रात बंदे की उम्र रोजी सेहत और जिंदगी का फैसला होता है, बंदे अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं अपने रब से, उन लोगों की इबादत कबूल नहीं होती है जिन लोगों ने अपने रिश्ते नाते तोड़ रखे हैं, इसलिए अपने रिश्ते नाते पहले जोड़कर फिर इबादत करें।