मथुरा। वृंदावन का प्रसिद्ध प्रेम मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, आकर्षक नक्काशी और आध्यात्मिक वातावरण के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान रखता है। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन के लिए यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की दीवारों और खंभों पर की गई बारीक नक्काशी पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करती है।
हालांकि, प्रेम मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को कुछ जरूरी नियमों और मर्यादाओं का पालन करना होता है। जानकारी के अभाव में नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। ऐसे में मंदिर जाने से पहले जान लें कि किन गलतियों से बचना जरूरी है।
मंदिर परिसर में न फैलाएं गंदगी
प्रेम मंदिर परिसर में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई बार लोग खाने-पीने की चीजों के पैकेट, बोतल, प्लास्टिक या अन्य कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। मंदिर की दीवारों या परिसर को गंदा करना भी नियमों के खिलाफ है।
ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर 500 रुपये तक जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आती है।
क्या करें?
मंदिर परिसर में कूड़ा हमेशा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें और अन्य श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें।
प्रतिबंधित सामान ले जाने से बचें
मंदिर में कुछ सामान ले जाने को लेकर प्रतिबंध हैं। खाने-पीने की वस्तुओं और नॉनवेज भोजन को परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं है। कैमरा ले जाने के लिए भी अनुमति की जरूरत हो सकती है और इसके लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है।
प्रतिबंधित सामान को छिपाकर मंदिर में ले जाने की कोशिश करने पर कार्रवाई हो सकती है। ऐसी स्थिति में सामान जमा कराने के साथ प्रवेश पर भी रोक लग सकती है।
क्या करें?
प्रेम मंदिर जाने से पहले अपने सामान की जांच कर लें। जरूरी सामान जैसे मोबाइल, पर्स और पानी की बोतल आदि निर्धारित नियमों के अनुसार ही साथ लेकर जाएं।
डांस रील बनाना पड़ सकता है भारी
सोशल मीडिया के दौर में धार्मिक स्थलों पर फोटो और वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग मंदिर परिसर में डांस रील या मनोरंजन से जुड़े वीडियो बनाने लगते हैं। धार्मिक स्थल की गरिमा और मंदिर के नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
क्या करें?
जहां फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति हो, वहीं शूटिंग करें। मंदिर परिसर में डांस रील या ऐसा कोई कंटेंट बनाने से बचें, जिससे धार्मिक स्थल की मर्यादा प्रभावित हो।
नक्काशी और मंदिर की संपत्ति को न पहुंचाएं नुकसान
प्रेम मंदिर की खूबसूरती उसकी बारीक नक्काशी और भव्य सजावट में भी दिखाई देती है। श्रद्धालुओं को मंदिर की दीवारों, खंभों और अन्य कलाकृतियों को छूकर नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए।
दीवारों पर कुछ लिखना, नक्काशी को नुकसान पहुंचाना या मंदिर की सजावटी वस्तुओं को खराब करना गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है और ऐसी स्थिति में कार्रवाई हो सकती है।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रेम मंदिर केवल घूमने या फोटो खिंचवाने की जगह नहीं, बल्कि एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर की गरिमा, स्वच्छता और नियमों का सम्मान करना चाहिए। दर्शन करें, सुंदरता निहारें, लेकिन मंदिर की मर्यादा और व्यवस्था का पूरा ध्यान रखें।
