यात्रियों को बड़ी राहत; लखनऊ समेत कई शहरों से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लिए शुरू होगी सुविधा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) अब पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों और तीर्थस्थलों तक बस सेवा का विस्तार करने जा रहा है। अंतरराज्यीय मार्गों पर एसी हाई एंड स्लीपर बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। पहले चरण में 15 अंतरराज्यीय मार्ग चिह्नित किए गए हैं।
इन मार्गों पर निजी बस संचालकों की स्लीपर बसों का संचालन अनुबंध के आधार पर कराया जाएगा। इसके लिए निगम ने निविदा जारी कर दी है। यात्रियों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन मार्गों का चयन किया गया है।
हर मार्ग पर चलेंगी दो-दो बसें
निगम के प्रधान प्रबंधक संचालन अनिल कुमार के मुताबिक, चिन्हित मार्गों पर बस संचालन के लिए बस ऑपरेटरों और फर्मों से निविदाएं मांगी गई हैं। प्रत्येक मार्ग पर दो-दो बसों का संचालन प्रस्तावित है। इस तरह कुल 30 स्लीपर बसों के लिए बस मालिकों से आठ वर्ष का अनुबंध किया जाएगा।
प्रस्तावित बसें डीजल से संचालित होंगी। यात्रियों से करीब पांच रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिए जाने का अनुमान है।
7 सितंबर तक जमा होगी बिड
निविदा में भाग लेने के इच्छुक बस ऑपरेटर 7 सितंबर को दोपहर तीन बजे तक अपनी बिड जमा कर सकेंगे। 27 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जाएगी, जबकि बसों की तकनीकी बिड 9 सितंबर को खोली जाएगी।
ये हैं 15 प्रमुख अंतरराज्यीय मार्ग
- बाराबंकी-देवा-सीतापुर-जयपुर-अजमेर
- मेरठ-अजमेर वाया दिल्ली-जयपुर
- लखनऊ-आगरा-कैला देवी
- अयोध्या-कानपुर-इंदौर
- वाराणसी-कोटा वाया झांसी
- लखनऊ-कोटा वाया झांसी
- मथुरा-दिल्ली-कटरा
- अयोध्या-जयपुर
- लखनऊ-जयपुर
- बरेली-चंडीगढ़
- कानपुर-इंदौर
- लखनऊ-पुष्कर
- लखनऊ-गया
- कानपुर-कोटा
- मेरठ-कोटा
यात्रियों को मिलेगी लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की अधिकांश बसें फिलहाल प्रदेश के भीतर ही संचालित होती हैं। निगम की लखनऊ-देहरादून के बीच पहले से एक स्लीपर बस सेवा संचालित है। अंतरराज्यीय बस मार्गों के सर्वे और परमिट हासिल करने के बाद अब निगम ने दूसरे चरण में इन 15 मार्गों पर स्लीपर बस सेवा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है।
नई सेवा शुरू होने के बाद लखनऊ, अयोध्या, आगरा, मथुरा, वाराणसी, कानपुर, मेरठ और बरेली समेत कई शहरों से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और बिहार के प्रमुख शहरों व धार्मिक स्थलों तक यात्रियों का सफर आसान हो सकेगा।
— टाइम्स ऑफ ताज
