ढाका। बांग्लादेश में करीब 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हो रहा है। देश की संसद में आज यानी 20 अगस्त को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव में संसद के 349 सदस्य मतदान करने के पात्र हैं।
राष्ट्रपति पद के लिए सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के विपक्षी गठबंधन ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों के नामांकन को चुनाव आयोग पहले ही वैध घोषित कर चुका है।
फखरुल का पलड़ा भारी
संसद में BNP के पास दो-तिहाई बहुमत होने के कारण मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के राष्ट्रपति चुने जाने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। फखरुल ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद BNP महासचिव और पार्टी की स्थायी समिति के पद से इस्तीफा दे दिया था।
वहीं विपक्षी गठबंधन ने ओली अहमद की उम्मीदवारी के जरिए चुनाव को औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रहने देने का संदेश दिया है। विपक्षी खेमे ने राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों के स्वतंत्र मतदान के अधिकार से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं।
पूर्व राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद चुनाव
बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद खाली होने के बाद यह चुनाव कराया जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
चुनाव के बाद निर्वाचित राष्ट्रपति 21 अगस्त की शाम बंगभवन में शपथ लेंगे।
क्यों खास है यह चुनाव?
बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए दो उम्मीदवारों के बीच मतदान हो रहा है। हालांकि संसद में सत्तारूढ़ BNP की मजबूत स्थिति के कारण परिणाम को लेकर ज्यादा अनिश्चितता नहीं मानी जा रही, फिर भी विपक्षी उम्मीदवार की मौजूदगी ने इस चुनाव को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।
