अरबी लिबास में ऊंट-घोड़ों पर सवार लोगों का जगह-जगह हुआ इस्तकबाल, चेयरमैन नाशी खान ने कमेटी सदस्यों को किया सम्मानित
कासगंज। कस्बा सहावर में ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मौके पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरे जोश, अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। जुलूस का आगाज सुबह करीब 8 बजे दरगाह सूफी अजमती से हुआ।
जुलूस को नगर पंचायत चेयरमैन नाशी खान, मुफ्ती मोहम्मद शरीफ नूरी, एसडीएम सुशांत सांवरे, सीओ दुर्गेश कुमार मिश्र, पूर्व चेयरमैन जाहिदा सुल्तान, हाजी मुईनुद्दीन सैफी और वसीम अहमद खुसरो ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जुलूस निर्धारित एवं प्रशासन से स्वीकृत मार्ग से होकर गुजरा। इसमें मुख्य चौराहा, मोहल्ला काजी, मोहल्ला कुरैशियान, चौक, मोहल्ला मुगल, मोहल्ला झंडापीर, मोहल्ला मनिहार, बड़ा बाजार, इमामबाड़ा, तकिया, मोहल्ला अंसारियान, कटरा बाजार समेत विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए पुनः मुख्य चौराहे के रास्ते दरगाह सूफी अजमती पहुंचकर जुलूस का समापन हुआ।
जुलूस में विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। अरबी लिबास में ऊंटों और घोड़ों पर सवार लोगों का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। जुलूस में शामिल लोगों ने नात और कलाम पेश किए तथा पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश की खुशी का इजहार किया।
कमेटी सदस्यों को किया सम्मानित
नगर पंचायत चेयरमैन नाशी खान ने जामा मस्जिद के पास जुलूस-ए-मोहम्मदी कमेटी के सदस्यों को शील्ड देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही जुलूस में शामिल लोगों के लिए फल वितरित किए गए।
कस्बे के विभिन्न स्थानों पर लोगों की ओर से खजूर, तबर्रुक, मिठाई और फलों का वितरण भी किया गया। जगह-जगह जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया गया।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन की मौजूदगी रही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी तैनात रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम सहित पुलिसकर्मियों ने जुलूस के दौरान व्यवस्थाओं पर नजर रखी।
जुलूस-ए-मोहम्मदी कमेटी के सदर कारी महबूबुर्रहमान अंसारी समेत राजीव कुमार मिश्र, गौरव कुमार वार्ष्णेय, हसीब अंसारी, मुशाहिद अली, बशीर अहमद सैफी, नबी मोहम्मद सैफी, अतीकुर्रहमान अंसारी, सूफी आफताब आलम, हाजी अनवर सिद्दीकी, शमशाद कुरैशी, इस्लाम नबी कुरैशी, हारून कुरैशी, शाहिद खान, मुर्तजा खान, अजहर बेग, जावेद खान, सरताज कुरैशी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जुलूस के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर आयोजकों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। पूरे कार्यक्रम के दौरान अकीदत, भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहा।
