मानदेय में तीन गुना बढ़ोतरी, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल… स्मार्टफोन और यात्रा भत्ता भी देने का वादा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने एक और बड़ा सियासी दांव चल दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को ‘PDA ऑडिट’ की नई कड़ी जारी करते हुए प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं।
सपा का दावा है कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम कर रही हैं। पार्टी ने उनके मानदेय, रिटायरमेंट, बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को चुनावी एजेंडे में शामिल करते हुए सरकार बनने पर कई सुविधाएं देने का वादा किया है।
💥 सबसे बड़ा वादा—मानदेय में तीन गुना बढ़ोतरी!
सपा के मुताबिक मौजूदा समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6,000 रुपये और सहायिकाओं को 3,000 रुपये मानदेय मिलता है।
अखिलेश यादव की पार्टी ने सरकार बनने पर मानदेय में तीन गुना तक बढ़ोतरी का वादा किया है।
साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले अतिरिक्त मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 12 हजार रुपये से अधिक और सहायिकाओं के लिए 6 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी करने की बात कही गई है।
⏳ रिटायरमेंट उम्र 62 नहीं, 65 साल!
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक और बड़ा ऐलान करते हुए सपा ने सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का वादा किया है।
रिटायरमेंट के समय—
👉 कार्यकर्ता को ₹3 लाख ग्रेच्युटी
👉 सहायिका को ₹2 लाख ग्रेच्युटी
देने की बात कही गई है।
📱 हर 3 साल में नया स्मार्टफोन!
सपा के प्रस्ताव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए हर तीन साल में स्मार्टफोन देने की बात भी शामिल है।
घर-घर भ्रमण, पोषण वितरण, बैठकों और फील्ड विजिट के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने का भी वादा किया गया है।
इतना ही नहीं, चुनाव ड्यूटी, सर्वे और जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्य कराने पर अलग से भत्ता देने की बात कही गई है।
💰 दुर्घटना में ₹3 लाख, मौत पर ₹5 लाख
सपा ने दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर 3 लाख रुपये और मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा किया है।
मृत्यु की स्थिति में आश्रित को रोजगार देने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा पेंशन, बीमा और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दों के लिए अलग वेलफेयर बोर्ड बनाने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने का प्रयास करने का वादा किया गया है।
🗳️ 2027 से पहले अखिलेश की नई रणनीति?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की संख्या लाखों में है। ऐसे में सपा का यह ऐलान सिर्फ कर्मचारी हित का मुद्दा नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।
अखिलेश यादव लगातार PDA के तहत अलग-अलग सामाजिक और कर्मचारी वर्गों के मुद्दे उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए किए गए ये बड़े वादे क्या सपा के PDA समीकरण को 2027 में और मजबूत कर पाएंगे?
🔥 अखिलेश का ऐलान बड़ा है… अब सवाल है, क्या आंगनबाड़ी का समर्थन भी उतना ही बड़ा होगा?
2027 की जंग में ‘मानदेय’ से लेकर ‘सम्मान’ तक—आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी बन सकते हैं बड़ा चुनावी मुद्दा!
