राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अज़हर उमरी बोले—पत्रकारों के साथ हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ
नई दिल्ली। दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना पर ऑल इंडिया उलमा बोर्ड ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। बोर्ड के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अज़हर उमरी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और किसी भी पत्रकार के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की घटना बेहद चिंताजनक है।
अज़हर उमरी ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बिना भय और दबाव के अपना काम करने का अधिकार मिलना चाहिए।
ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पीरज़ादा आमिर शेख क़ादरी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछने की आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए। महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, ऑल इंडिया उलमा बोर्ड (यूथ) के उत्तर प्रदेश पश्चिम अध्यक्ष इंजीनियर आदिल ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बोर्ड के पदाधिकारियों ने कहा कि मीडिया कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
— TIMES OF TAJ
