आगरा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एवं श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या महाविद्यालय, आगरा कैंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 8-दिवसीय ‘NEP 2020: ओरिएंटेशन एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम’ का समापन सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
7 से 15 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना अग्रवाल के संरक्षण तथा डॉ. अंकिता तिवारी के कुशल नेतृत्व एवं संयोजन में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
समापन सत्र में UGC-MMTTC, तमिलनाडु के निदेशक सेंथिलनाथन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बदलते वैश्विक शैक्षिक परिदृश्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि MMTTC-BHU के निदेशक प्रो. आनंद वर्धन शर्मा तथा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि NEP 2020 शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर आधुनिक, बहुविषयक और शोध-आधारित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती है। इससे भारतीय उच्च शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम को तकनीकी रूप से सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अतिथियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अंकिता तिवारी, सहायक प्रोफेसर, हिंदी विभाग के कुशल प्रबंधन और अकादमिक समन्वय की सराहना की तथा उन्हें बधाई एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इनमें अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC), भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), डिजिटल लर्निंग सहित आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
देशभर से जुड़े सैकड़ों शिक्षक-प्रतिभागियों ने इन अकादमिक एवं तकनीकी सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए नई शिक्षण पद्धतियों और NEP 2020 के विभिन्न प्रावधानों को समझने में रुचि दिखाई।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, रोजगारपरक, बहुविषयक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
