आगरा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को होटल ताज में इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉनक्लेव एंड एक्सपो के द्वितीय संस्करण का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक्सपो में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वेडिंग, होटल, पर्यटन तथा अन्य उद्योगों से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उनके व्यवसाय और संभावनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन और उद्योग क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई पर्यटन नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन नीति-2022 के तहत पात्र पर्यटन इकाइयों को पूंजीगत निवेश पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के निवेशकों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल, वेलनेस, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में प्रमुख पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं और पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
हेरिटेज स्थलों और किलों में डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं

जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक किलों, महलों, पुरानी रियासतों और हेरिटेज स्थलों को पर्यटन केंद्र तथा डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल के रूप में विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार ऐसे प्राकृतिक एवं हेरिटेज स्थलों को पर्यटन की नई संभावनाओं के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से ऐसे स्थलों को पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से इन संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
पर्यटन मंत्री ने कहा कि वेडिंग इंडस्ट्री केवल विवाह आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिलते हैं। वेडिंग प्लानर, कैटरर, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, कलाकार, मेकअप आर्टिस्ट, ज्वेलरी डिजाइनर, डेकोरेटर, फूल विक्रेता, लाइटिंग और इवेंट से जुड़े लोगों को इस क्षेत्र से रोजगार मिलता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार, हस्तशिल्प और आतिथ्य क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलता है।

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास पर ज़ोर
मंत्री ने मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पर्यटन या धार्मिक स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे स्थलों पर सड़क, शेड, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन, हेरिटेज और वेडिंग इंडस्ट्री के विकास के लिए सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने और निवेश के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

