पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष के निधन से समाजवादी पार्टी में शोक
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे।
राम गोविंद चौधरी लंबे समय से समाजवादी राजनीति से जुड़े रहे। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और वर्ष 1977 में पहली बार विधानसभा पहुंचे। वह अपने राजनीतिक जीवन में आठ बार विधायक रहे। बलिया की राजनीति में उनकी विशेष पहचान रही और बाद में उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2017 से 2022 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। विधानसभा में उनकी सक्रिय भूमिका और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए वे जाने जाते थे।
चौधरी का राजनीतिक सफर समाजवादी आंदोलन की कई प्रमुख धाराओं से जुड़ा रहा। वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से भी उनके निकट राजनीतिक संबंध रहे। उनके निधन से बलिया सहित उत्तर प्रदेश के राजनीतिक क्षेत्र में शोक की प्रतिक्रिया सामने आई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य नेताओं ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
राम गोविंद चौधरी का निधन समाजवादी राजनीति में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के बाद हुआ। उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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