बोलीं- ‘बेटी बचाओ’ नारा नहीं, अब सरकार के सामने खड़ा सवाल; जनता पूछ रही है- जिसने यूपी का किया ये हाल, उसे और क्यों दें पांच साल?
लखनऊ, । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि घर से स्कूल के लिए निकली बच्चियों के साथ दुष्कर्म, अपहरण और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में नाबालिग पीड़िताओं की गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मौत जैसी बेहद गंभीर घटनाएं भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा, “बेटी बचाओ भाजपा का नारा नहीं बल्कि चेतावनी थी। अब बेटियों पर आतंक सबके सामने है।” कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में बुलंदशहर, बस्ती, बांदा, सोनभद्र, कौशाम्बी, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में नाबालिग बच्चियों से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, दुष्कर्म के आरोप तथा एक 14 वर्षीय पीड़िता की प्रसव के दौरान मौत का मामला भी शामिल है।
अपराध के आंकड़ों पर भी सरकार को घेरा
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह औसतन करीब 182 मामले प्रतिदिन के बराबर है।
उन्होंने इसी अवधि में 3,516 दुष्कर्म, 3,206 हत्या और 31 एसिड अटैक के मामले दर्ज होने का भी उल्लेख किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इन आंकड़ों के आधार पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सवाल केवल अलग-अलग घटनाओं का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का है। उनके मुताबिक, जब स्कूल से घर लौटने वाली बच्चियां और छोटी उम्र की बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए कि उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी किया जिक्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 30 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली को लेकर हुई टिप्पणी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत की टिप्पणियों के बावजूद प्रदेश सरकार पर इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि “जो सत्ता बेटियों को सुरक्षित स्कूल, सड़क और घर नहीं दे सकती, उसे जनता उखाड़ फेंकेगी।” उन्होंने कहा कि बेटियां डर के माहौल में नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब पूछ रही है—“जिसने यूपी का किया ये हाल, उसे और क्यों दें पांच साल?”
Times of Taj Disclaimer: यह समाचार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ द्वारा जारी बयान पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों और बताए गए आंकड़ों को संबंधित पक्ष के दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
