अजय राय और उनके समर्थकों पर लगे गंभीर आरोप, पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान धक्का-मुक्की का दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश कार्यालय में रविवार को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कथित हंगामे और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। महिला कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, उनके कुछ समर्थकों और निजी सुरक्षाकर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। घटना को लेकर पार्टी के भीतर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजय राय जब कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि पोर्टिको के पास भीड़ बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। वहां मौजूद कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
महिला कार्यकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि विवाद के दौरान अजय राय ने उनके प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। आरोपों में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अजय राय का पक्ष सामने आना बाकी है।
मामले में अमित पाठक नामक सुरक्षाकर्मी पर गाली-गलौज करने तथा शैलेश उपाध्याय नामक सुरक्षाकर्मी पर जूता निकालकर महिला कार्यकर्ताओं की ओर फेंकने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विवाद के बाद अजय राय के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने की जानकारी सामने आई है। वहीं, घटनाक्रम को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि विवाद के जरिए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जाता है कि स्थिति तनावपूर्ण होने पर प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों से बातचीत की और माहौल शांत कराने का प्रयास किया। इसके बावजूद कुछ समय तक कार्यालय परिसर में हंगामे और नारेबाजी की स्थिति बनी रही।
इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर आपसी समन्वय और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा आरोपों से घिरे नेताओं और सुरक्षाकर्मियों का पक्ष सामने आने का इंतजार है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध जानकारी एवं संबंधित स्रोतों पर आधारित है। किसी भी दावे या आरोप की पुष्टि संबंधित आधिकारिक पक्ष से की जानी चाहिए।
