दशहरा और दीपावली पर महँगाई से बिगड़ेगा आम परिवारों का बजट, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने बढ़ती महँगाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों, किसानों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के बीच आम परिवारों के सामने घर का खर्च चलाने की चुनौती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब रसोई की आवश्यक वस्तुएँ महँगी हो रही हैं, तब आम जनता की बचत प्रभावित हो रही है। परिवारों को भोजन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों पर खर्च करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महँगाई के आँकड़ों का हवाला देकर सरकार को घेरा
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की सितंबर 2026 की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि देश में खुदरा महँगाई दर 5.54 प्रतिशत और खाद्य महँगाई दर 7.74 प्रतिशत रही। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में खुदरा महँगाई दर 6.08 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। प्रदेश में ग्रामीण खुदरा महँगाई दर 6.71 प्रतिशत बताई गई।
उन्होंने प्याज की कीमतों में तेज वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट में प्याज की सालाना महँगाई दर 108.09 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा अदरक की महँगाई 62.85 प्रतिशत, लहसुन की 54.62 प्रतिशत और नींबू की 36.41 प्रतिशत बताई गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की थाली और परिवारों की बचत पर पड़ता है।
ग्रामीण परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में परिवारों को घरेलू खर्च के साथ खेती, खाद, बीज, डीजल, बिजली और बच्चों की पढ़ाई पर भी खर्च करना पड़ता है। आय में अनिश्चितता के बीच आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से किसानों, खेतिहर मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
कांग्रेस ने की महँगाई से राहत देने की माँग
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों और आपूर्ति की नियमित निगरानी करने, जमाखोरी एवं कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और महँगाई से प्रभावित गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने की माँग की।
उन्होंने कहा कि जनता को महँगाई पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस राहत चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार से आम परिवारों के बजट पर पड़ रहे दबाव का जवाब देने को कहा।
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