श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव 2026: आठ किलोमीटर के मार्ग पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने किया शुभारंभ
आगरा। श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत गुरुवार को निकाली गई श्रीराम वरयात्रा ने शमशाबाद के ग्रामीण अंचल को भक्तिमय बना दिया। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों के स्वागत में जगह-जगह पुष्पवर्षा, आरती और जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे। लगभग आठ किलोमीटर की यात्रा कर शमशाबाद पहुंची इस वरयात्रा में 50 से अधिक सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं के उत्साह और भव्य स्वागत ने पूरे क्षेत्र को जनकपुर जैसा स्वरूप दे दिया।
श्री मनःकामेश्वर ग्रामीण संस्थान, गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर, शमशाबाद रोड से प्रारंभ हुई वरयात्रा का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने नारियल फोड़कर और प्रभु श्रीराम सहित सभी स्वरूपों की आरती उतारकर किया। ऋषि वशिष्ठ के स्वरूप में विराजमान श्री महंत योगेश पुरी ने प्रभु श्रीराम, माता सीता सहित अन्य स्वरूपों को मेवा-मिष्ठान खिलाकर मंगल तिलक किया और वरयात्रा को जनकपुर के लिए विदाई दी। मठ प्रशासक हरिहर पुरी श्रद्धालुओं और बारातियों के साथ यात्रा में शामिल रहे।
पुष्पवर्षा और आरती से गूंजा शमशाबाद
श्रीराम वरयात्रा के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने घरों के बाहर रंगोलियां बनाईं, दरवाजों पर बंदनवार सजाए और रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से गलियों को रोशन किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती की थालियां सजाकर प्रभु के दर्शन किए। कहीं पुष्पवर्षा हुई, तो कहीं परिवारों ने हाथ जोड़कर श्रीराम के स्वरूपों का अभिनंदन किया। पूरा मार्ग भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था के रंग में रंगा नजर आया।
50 से अधिक झांकियों में दिखी भारतीय संस्कृति की विविधता

वरयात्रा में शामिल 50 से अधिक झांकियों ने सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश प्रस्तुत किए। असम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की सांस्कृतिक एवं धार्मिक झलक ने आयोजन को विशेष बनाया। झांकियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं, राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता का संदेश दिया गया।
ग्रामीण बालिकाओं द्वारा नवदुर्गा के नौ स्वरूप धारण करना भी आकर्षण का केंद्र रहा। बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने शक्ति, श्रद्धा और नारी सम्मान का संदेश दिया।

शुक्रवार सुबह 11 बजे होगा तुलसी-शालिग्राम विवाह
श्री मनःकामेश्वर मठ के प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे शमशाबाद स्थित शिव वाटिका में निर्मित जनक महल में तुलसी-शालिग्राम विवाह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके लिए परिसर को जनकपुर के स्वरूप में सजाया गया है और धार्मिक परंपराओं के अनुसार तैयारियां की गई हैं।
उन्होंने बताया कि पहली बार लगभग आठ किलोमीटर की यात्रा कर श्रीराम वरयात्रा को शमशाबाद लाने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रामकथा की परंपरा का विस्तार करना और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना है।
श्रीराम वरयात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराएं केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को आस्था, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता के सूत्र में जोड़ने का माध्यम भी हैं।
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