आगरा में पक्की सराय स्थित आवास पर स्वागत करने वालों का लगा तांता, उमराह के अनुभव साझा करते हुए भावुक हुए कामरान अहमद
आगरा। पूर्व विधायक हाजी जुल्फिकार अहमद भुट्टो के छोटे भाई कामरान अहमद अपने बेटे अरहाम अहमद और परिवार के साथ उमराह की जियारत करके 18 अक्टूबर 2026 को वतन लौट आए। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। इसके बाद आगरा के पक्की सराय, थाना ताजगंज स्थित उनके आवास पर भी स्वागत करने वालों का तांता लगा रहा।
कामरान अहमद के उमराह से लौटने की खुशी में उनके परिवार और परिचितों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान घर में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने उन्हें मुबारकबाद दी।
कामरान अहमद ने अपने उमराह के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह खुद को बेहद खुशनसीब मानते हैं कि उन्हें अपने परिवार के साथ उमराह करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि उसे मुकद्दस स्थानों की जियारत का मौका मिले और वह अल्लाह के दरबार में हाजिरी देकर अपने मुल्क, प्रदेश, वतन हिन्दुस्तान और पूरी दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ करे।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनकी दिली तमन्ना थी कि वह मक्का मुकर्रमा जाकर हाजिरी दें और देश-प्रदेश सहित पूरी दुनिया के लिए दुआ करें। अल्लाह ने उनकी यह तमन्ना पूरी कर दी। उन्होंने बताया कि मुकद्दस स्थानों से लौटते समय अपनों से बिछड़ने का एहसास भी हुआ। वहां से वापस आने का मन नहीं कर रहा था। अपनी बात बताते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।
इस मौके पर इमलाक अहमद, सेठ साबिर और हाजी इखलाक सहित अन्य लोगों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। वहीं आगरा स्थित आवास पर पत्रकार मेराजउद्दीन, बसपा नेता मोहम्मद रिजवान, आबिद नूरानी, राशिद कुरैशी सहित कई लोगों ने पहुंचकर फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका इस्तकबाल किया।
उमराह से लौटने पर परिवार और समर्थकों की ओर से किए गए इस स्वागत ने माहौल को खुशियों और धार्मिक भावनाओं से भर दिया।
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