मथुरा जंक्शन और आगरा कैंट पर वेंडिंग, रेल कोच रेस्टोरेंट व विज्ञापन अनुबंधों से बढ़ेगा रेलवे का गैर-किराया राजस्व
आगरा। रेलवे की आय बढ़ाने और स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में आगरा मंडल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक मंडल ने गैर-किराया राजस्व (नॉन-फेयर रेवेन्यू) के माध्यम से ₹283.10 लाख की आय अर्जित की है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में हुई ₹204.42 लाख की आय से 38.49 प्रतिशत अधिक है।
मंडल रेल प्रबंधक आगरा श्री गगन गोयल और अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरीश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अंकित गुप्ता के निर्देशन में रेलवे परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग और राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मथुरा और आगरा के स्टेशनों पर नए अनुबंध
राजस्व बढ़ाने के लिए आगरा मंडल ने विभिन्न स्टेशनों पर खाद्य वेंडिंग, रेल कोच रेस्टोरेंट, वर्चुअल ब्रांड प्रमोशनल कियोस्क और व्यावसायिक विज्ञापन से संबंधित अनुबंध आवंटित किए हैं।
मथुरा जंक्शन के मुख्य प्रवेश सर्कुलेटिंग एरिया में खाद्य वेंडिंग का अनुबंध ₹104.73 लाख प्रतिवर्ष और दूसरे प्रवेश द्वार पर ₹27.51 लाख प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्षों के लिए दिया गया है। आगरा कैंट स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में खाद्य वेंडिंग का अनुबंध ₹75.78 लाख प्रतिवर्ष तथा ईदगाह स्टेशन पर ₹22.12 लाख प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्षों के लिए आवंटित किया गया है।
मथुरा जंक्शन पर रेल कोच रेस्टोरेंट के संचालन के लिए ₹27.21 लाख प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्ष का अनुबंध भी दिया गया है। इससे यात्रियों को खानपान के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
विज्ञापन से भी होगी रेलवे की कमाई
व्यावसायिक प्रचार को बढ़ावा देने के लिए राजा की मंडी स्टेशन पर ग्लो-साइन और बोर्ड के माध्यम से विज्ञापन का अनुबंध ₹1 लाख प्रतिवर्ष की दर से तीन वर्ष के लिए आवंटित किया गया है। वहीं, नदबई स्टेशन पर होर्डिंग और यूनिपोल के लिए ₹0.80 लाख प्रतिवर्ष की दर से तीन वर्ष का अनुबंध दिया गया है।
इसके अलावा, मथुरा जंक्शन पर बैकलिट विज्ञापन के लिए ₹16.50 लाख प्रतिवर्ष और आगरा कैंट स्टेशन पर ₹16 लाख प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्ष के अनुबंध आवंटित किए गए हैं।
यात्री सुविधाओं के साथ राजस्व बढ़ाने पर जोर
आगरा मंडल की इन पहलों से रेलवे की गैर-किराया आय बढ़ाने के साथ स्टेशनों पर खानपान सुविधाओं का विस्तार, विज्ञापन के नए अवसर और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
रेल प्रशासन का लक्ष्य रेलवे परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करते हुए राजस्व के नए स्रोत विकसित करना और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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