संवाददाता – तौफीक फारूकी
लखनऊ। गोमती नगर स्थित होटल किंग स्टोर, विभूति खंड में धोबी समाज द्वारा “2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में धोबी समाज की भूमिका” विषय पर एक परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी एवं धोबी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में धोबी समाज की आबादी लगभग चार प्रतिशत है और यह समाज वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को राजनीतिक रूप से संगठित होकर अपने अधिकारों और भागीदारी को मजबूत करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहजहांपुर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. दौद राम वर्मा ने की। इस अवसर पर बलिया से राजन कनौजिया, फर्रुखाबाद से संतोष दिवाकर, महराजगंज से विन्द्रेश कनौजिया, अयोध्या से दिवाकर कनौजिया, वाराणसी से रमेश चौधरी, एटा से पप्पू दिवाकर, देवरिया से मालवीय प्रसाद निर्मल, अंबेडकरनगर से अभिषेक कनौजिया, मैनपुरी से सुमन दिवाकर, बदायूं से खजाना देवी, बांदा से सुमन दिवाकर, औरैया से सुमन दिवाकर, कुशीनगर से कैलाश चंद्र कनौजिया, गोरखपुर से चिंतामणि तथा प्रो. देवमणि कनौजिया सहित अनेक समाजवादी नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता एवं कन्नौज से पूर्व प्रत्याशी डॉ. सुनील दिवाकर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य समाज के वंचित, प्रताड़ित और उपेक्षित वर्गों को एकजुट करना है।
डॉ. दिवाकर ने कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। उनका दावा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता परिवर्तन का निर्णय लेकर समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाएगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का संकल्प लिया। इस दौरान “अब जीत की तैयारी, अब यूपी है हमारी” का नारा भी गूंजता रहा।

