आगरा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी रत्न राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिला आगरा इकाई ने समाजसेवी भरतभूषण तिवारी की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) यमुनाधर चौहान को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि भरतभूषण तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने कानून-व्यवस्था, मानवाधिकारों तथा न्यायिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। संगठन का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया हो अथवा वह पुलिस अभिरक्षा में रहा हो, तो उसके बाद कथित मुठभेड़ में उसकी मृत्यु की घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संविधान की भावना के अनुरूप कराई जानी चाहिए।
महासभा ने राष्ट्रपति से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अथवा सीबीआई से स्वतंत्र एवं न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही मुठभेड़ से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। संगठन ने प्रत्यक्षदर्शियों एवं गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई करने, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा तथा परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की।
ज्ञापन में दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय कानून के तहत निष्पक्ष अभियोजन चलाने तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं अन्य सक्षम संवैधानिक संस्थाओं की निगरानी में जांच कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनुज कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में संजय शर्मा (जिला प्रभारी), राजीव शर्मा (महानगर उपाध्यक्ष), अन्नू दुबे (जिला मीडिया प्रभारी), लोकेंद्र शर्मा (जिला उपाध्यक्ष), संदेश शर्मा, चंद प्रकाश शर्मा (विधानसभा अध्यक्ष), सुनील देवराती, रिंकू पचौरी, निखिल लवानिया, भगवती शर्मा, श्याम तिवारी तथा भूपेंद्र शर्मा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

