आगरा। दरगाह नबी करीम (कदम रसूल) के गद्दीनशीन व मुतवल्ली हज़रत लाल शाह कादरी अशरफी मदारवी का रविवार दोपहर निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने दोपहर के समय ख़ानक़ाह शफ़ीक़ी सद्भावना आश्रम मिढ़ाकुर में अंतिम सांस ली।
हज़रत लाल शाह कादरी अशरफी के निधन की खबर से उनके मुरीदों, अकीदतमंदों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके इंतकाल की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मरहूम अपने सादगीपूर्ण जीवन, सूफी परंपरा, धार्मिक सेवाओं तथा सामाजिक सद्भाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने दरगाह नबी करीम (कदम रसूल) की धार्मिक और सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके निधन पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

