अखिलेश यादव ने जिला कमेटियां कीं भंग, 2027 से पहले सियासी हलचल तेज़
संवाद।। नुरूल इस्लाम
एटा/कासगंज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एटा और कासगंज में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए दोनों जिलों की जिला कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस फैसले के बाद दोनों जनपदों की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, एटा और कासगंज के जिलाध्यक्षों के साथ जिला कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी और सदस्य भी भंग कर दिए गए हैं। दोनों जिलों से जुड़े पार्टी के राज्य एवं फ्रंटल संगठनों की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को भी इस निर्णय के दायरे में रखा गया है।
पार्टी की ओर से एटा के पूर्व जिलाध्यक्ष मो. वहीद महमूद जुबैरी उर्फ परवेज और कासगंज के पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम यादव को भी इस फैसले की सूचना दी गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को लखनऊ में हुई बैठक के दौरान एटा और कासगंज में संगठन से जुड़े नेताओं के बीच मतभेद का मुद्दा सामने आया था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, पार्टी के इस कदम को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि दोनों जिलों में सपा की नई कमान किसके हाथों में होगी।
