आगरा। विश्व नदी दिवस के उपलक्ष्य में यमुना आरती स्थल पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में यमुना नदी की वर्तमान स्थिति, बढ़ते प्रदूषण, गिरते सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के साथ-साथ नदी के संरक्षण को लेकर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का समापन यमुना आरती के साथ हुआ।
गोष्ठी में डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने यमुना नदी की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लगभग 1378 किलोमीटर की यात्रा करने वाली यमुना उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के हथिनीकुंड तक अपेक्षाकृत स्वच्छ रहती है, लेकिन इसके आगे नदी में प्रदूषण बढ़ता जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पहुंचते-पहुंचते यमुना का स्वरूप अत्यधिक प्रदूषित होकर एक नाले जैसा दिखाई देने लगता है और इसके आगे भी नदी प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझती रहती है।
उन्होंने बताया कि इटावा के आगे चंबल, पहुज, क्वारी और सिंध जैसी नदियों के मिलने तथा हमीरपुर में केन नदी के संगम के बाद यमुना के पानी की स्थिति में कुछ सुधार आता है। इसके बाद प्रयागराज में यमुना का संगम गंगा से होता है।
गोष्ठी में यमुना में गिरने वाले सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट को तत्काल रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही यमुना की डिसिल्टिंग (गाद निकालने) की पुरानी मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया।
यमुना में मूर्तियों के विसर्जन को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। विशेष रूप से प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों के यमुना में विसर्जन पर तत्काल रोक लगाने तथा यमुना किनारे मूर्ति विसर्जन के लिए निर्धारित कुंडों का निर्माण कराने की मांग की गई।
गोष्ठी में यमुना को स्वच्छ रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई गई। लोगों से अपील की गई कि यमुना में किसी भी प्रकार की गंदगी, पूजा सामग्री अथवा अन्य अपशिष्ट न डालें। इसके साथ ही यमुना के घाटों पर धोबी घाट की गतिविधियों और भैंसों के स्नान पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
गोष्ठी के अंत में यमुना संरक्षण से जुड़ी विभिन्न मांगों को मांगपत्र के रूप में सामने रखते हुए सभी यमुना भक्तों ने नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। इसके बाद यमुना आरती के साथ विश्व नदी दिवस कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, चतुर्भुज तिवारी, दीपक राजपूत, मुकेश चौधरी, महंत नंदन श्रोत्रिय, रंजन शर्मा, भगवान सिंह सहित अन्य यमुना भक्त उपस्थित रहे।
