24 से 27 नवंबर तक हैदराबाद में होगा 18वां पोल्ट्री इंडिया एक्सपो, धार्मिक पर्वों के दौरान अंडे और चिकन के विरोध से उद्योग को होने वाले नुकसान पर भी जताई चिंता
नई दिल्ली,: भारतीय पोल्ट्री उपकरण निर्माता संघ (आईपीईएमए) ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 18वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 2026 की घोषणा की। इस अवसर पर नवाब अली अकबर ने पोल्ट्री क्षेत्र में रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक्सपो युवाओं, किसानों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और एग्री-टेक उद्यमियों के लिए नए अवसरों का बड़ा मंच साबित होगा।उन्होंने कहा कि भारत का पोल्ट्री क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और इससे ग्रामीण युवाओं समेत विभिन्न वर्गों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने धार्मिक पर्वों के दौरान कुछ राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश में अंडे और चिकन के विरोध को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, इस तरह के विरोध से उत्पादन और बिक्री प्रभावित होती है तथा पोल्ट्री फार्म संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकारों से बातचीत और आवेदन के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं।
आईपीईएमए के अनुसार, 18वां पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 24 से 27 नवंबर तक हैदराबाद में आयोजित होगा। 24 नवंबर को एचआईसीसी/नोवोटेल, हाईटेक सिटी में ज्ञान दिवस संगोष्ठी होगी, जबकि 25 से 27 नवंबर तक एचआईटीईएक्स प्रदर्शनी केंद्र में मुख्य प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। आयोजकों को 120 से अधिक देशों के 550 से ज्यादा प्रदर्शकों और 51 हजार से अधिक उद्योग विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।प्रदर्शनी में प्रजनन एवं आनुवंशिकी, हैचरी, फार्म स्वचालन, चारा उत्पादन, उन्नत पोषण, पर्यावरण नियंत्रित आवास एवं वेंटिलेशन, पशु चिकित्सा जांच, जैव सुरक्षा, अंडा प्रसंस्करण, खाद प्रबंधन और हरित पोल्ट्री तकनीकों को प्रमुखता दी जाएगी। इसके अलावा फार्म प्रबंधन, उपकरण निर्माण, परिवहन, शीत शृंखला, खाद्य प्रसंस्करण, बिक्री एवं विपणन, अनुसंधान तथा एग्री-टेक उद्यमों से जुड़े रोजगार और कारोबारी अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।आयोजकों ने बताया कि एक्सपो को 20 से अधिक विदेशी पोल्ट्री संगठनों, 40 से ज्यादा राष्ट्रीय पोल्ट्री निकायों और अंतरराष्ट्रीय पोल्ट्री मीडिया का समर्थन प्राप्त है। ‘वन नेशन, वन एक्सपो’ की थीम पर आयोजित यह कार्यक्रम किसानों, युवाओं, उद्यमियों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने के साथ देश के विकास लक्ष्य में योगदान देने पर केंद्रित रहेगा।
