रेलवे स्टेशनों पर वाटर कूलर, आरओ सिस्टम और पानी की टंकियों की सफाई पर जोर, आगरा कैंट, आगरा फोर्ट और मथुरा स्टेशनों पर विशेष निगरानी
आगरा। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक कुल 242 पेयजल परीक्षण किए गए। इनमें 214 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण और 28 बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण शामिल हैं।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 के दौरान भी मंडल में कुल 427 पेयजल परीक्षण किए गए थे। जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी के साथ रेलवे स्टेशनों पर पेयजल सुविधाओं की सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वाटर कूलर और पानी की टंकियों की सफाई पर जोर
विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत पेयजल बूथों, वाटर कूलरों, वाटर वेंडिंग मशीनों, आरओ सिस्टम और पानी की टंकियों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इनकी सफाई और कीटाणुशोधन की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
आगरा कैंट, आगरा फोर्ट और मथुरा सहित मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पेयजल सुविधाओं के समुचित रखरखाव और स्वच्छता की निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य निरीक्षक और इंजीनियर कर रहे निगरानी
रेलवे के अनुसार, 20 अगस्त 2026 से संचालित इस अभियान की निगरानी स्वास्थ्य निरीक्षकों (CHI) और सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स) की संयुक्त टीम कर रही है। जल गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर
आगरा मंडल का कहना है कि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और स्टेशन परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने के प्रयास जारी रहेंगे।
नियमित परीक्षण, उपकरणों की सफाई और निगरानी के माध्यम से रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
Times of Taj | आगरा समाचार
डिस्क्लेमर: यह समाचार रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
