विशेष अभियान 6.0 के तहत चलित डस्टबिन से यात्रियों से सीधे एकत्र किया जा रहा कचरा, सूखा-गीला सहित चार श्रेणियों में पृथक्करण से ‘जीरो वेस्ट स्टेशन’ बनाने की तैयारी
प्रयागराज। रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने और कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने विशेष अभियान 6.0 के तहत प्रयागराज जंक्शन पर दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। इनमें ट्रेनों के प्रत्येक कोच के पास चलित डस्टबिन के साथ स्वच्छता मित्रों की तैनाती और कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने की व्यवस्था शामिल है। रेलवे का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर कचरा फैलने से रोकना और स्टेशन को ‘जीरो वेस्ट स्टेशन’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के दिशानिर्देशों के अनुपालन में शुरू की गई इन पहलों को फिलहाल कुछ प्रमुख ट्रेनों में प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है। रेलवे के अनुसार, शुरुआती स्तर पर इनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
ट्रेन के हर कोच तक पहुंचेंगे स्वच्छता मित्र
प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के पहुंचने के दौरान स्लीपर और जनरल कोचों से यात्रियों द्वारा कचरा फेंके जाने की समस्या को देखते हुए चलित डस्टबिन प्रणाली शुरू की गई है।
इस व्यवस्था के तहत पहियों वाले डस्टबिन के साथ स्वच्छता मित्र ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही कोच-दर-कोच जाकर यात्रियों से कचरा एकत्र करते हैं। इससे कचरा सीधे प्लेटफॉर्म पर फेंकने की जरूरत कम होती है और स्टेशन परिसर को साफ रखने में मदद मिलती है।
रेलवे के मुताबिक, इस पहल से प्लेटफॉर्म की स्वच्छता में सुधार देखने को मिला है। यात्रियों की ओर से भी इस व्यवस्था की सराहना की जा रही है।
चार श्रेणियों में अलग किया जा रहा कचरा
प्रयागराज जंक्शन पर कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए स्रोत पर ही कचरा पृथक्करण की व्यवस्था लागू की गई है। सफाई के दौरान एकत्र कचरे को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा रहा है:
- सूखा कचरा: कागज, प्लास्टिक और अन्य सूखी सामग्री।
- गीला कचरा: भोजन के अवशेष और अन्य जैविक कचरा।
- सेनेटरी कचरा: इस्तेमाल किए गए सैनिटरी उत्पाद।
- घरेलू हानिकारक कचरा: निर्धारित श्रेणी में आने वाला हानिकारक घरेलू कचरा।
कचरे को शुरुआत में ही अलग करने से उसके उचित निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। यह व्यवस्था ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के अनुपालन और स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सभी ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों तक विस्तार की योजना
रेलवे के अनुसार, दोनों पहलों को फिलहाल कुछ प्रमुख ट्रेनों में प्रयोग के तौर पर लागू किया गया है। इनके परिणाम उत्साहजनक बताए गए हैं। भविष्य में इस प्रणाली को सभी ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों तक विस्तारित करने की योजना है।
कोच-टू-कोच कचरा संग्रह और स्रोत पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था से यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्टेशन परिसर में कचरे के बेहतर प्रबंधन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
प्रयागराज जंक्शन पर शुरू की गई ये पहलें रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और स्टेशन को अधिक स्वच्छ बनाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
Times of Taj | रेलवे समाचार
डिस्क्लेमर: यह समाचार उत्तर मध्य रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
