लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों की संख्या को लेकर मतभेद की खबरें हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को करीब 170 सीटों की सूची सौंपी है, जबकि सपा कम सीटों पर समझौते के पक्ष में बताई जा रही है।
कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग पर कायम
कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली छह सीटों की जीत और अपने संगठन की स्थिति के आधार पर विधानसभा चुनाव में अधिक हिस्सेदारी चाहती है। पार्टी ने संभावित सीटों को अपनी चुनावी संभावनाओं और संगठन की मजबूती के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है।
दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्टों में समाजवादी पार्टी की ओर से कांग्रेस को लगभग 50 से 75 सीटों के बीच समझौते का विकल्प दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, सीटों की अंतिम संख्या पर दोनों दलों की ओर से कोई औपचारिक समझौता घोषित नहीं किया गया है।
प्रियंका गांधी निभा रहीं अहम भूमिका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सीट बंटवारे से जुड़ी बातचीत में अहम भूमिका निभा रही हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि उन विधानसभा क्षेत्रों में उसे प्राथमिकता मिले, जहां उसका संगठन मजबूत है और चुनाव जीतने की संभावनाएं बेहतर हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति और चुनावी संभावनाओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
अखिलेश यादव का जोर भाजपा को हराने पर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन के साझा लक्ष्य के रूप में भाजपा को सत्ता से बाहर करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि गठबंधन में सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण चुनाव में जीत हासिल करना है।
दोनों दलों के बीच बातचीत का नतीजा उत्तर प्रदेश में विपक्ष की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सीट बंटवारे पर सहमति बनाना गठबंधन के लिए अहम माना जा रहा है।
2027 के चुनाव में गठबंधन पर नजर
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में भाजपा के साथ मुकाबले के लिए सपा और कांग्रेस गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सीटों के बंटवारे पर सहमति, उम्मीदवारों का चयन और जमीनी संगठन की सक्रियता चुनावी रणनीति के प्रमुख पहलू होंगे।
फिलहाल, कांग्रेस की मांग और सपा के संभावित प्रस्ताव को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अंतिम तस्वीर दोनों दलों के बीच औपचारिक बातचीत और समझौते के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्रोत: इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस और अन्य मीडिया रिपोर्टें।
डिस्क्लेमर: सीटों के बंटवारे से जुड़े आंकड़े मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आए हैं। दोनों दलों की ओर से अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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