“शौर्य से संकल्प तक”: आगरा में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम, देश भर से जुटे क्षत्रिय संगठन
क्षत्रिय वीरता पर्व पर हुंकार: 10 जनवरी को आगरा से दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा का ऐलान
आगरा में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम, गूंजा- काला कानून वापस लो, वापस लो
“शौर्य से संकल्प तक” थीम पर हुआ भव्य आयोजन, करणी सेना अध्यक्ष ने किया दिल्ली कूच का आह्वान
आगरा। क्षत्रिय सभा जिला आगरा द्वारा रविवार को आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में विजयादशमी के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तरीय क्षत्रिय वीरता एवं विजय पर्व समारोह “शौर्य से संकल्प तक” का भव्य आयोजन किया गया।
समारोह में “काला कानून वापस लो, वापस लो” और “यूजीसी रोलबैक वापस लो” के नारों से ऑडिटोरियम गूंज उठा। देश के विभिन्न राज्यों से आए क्षत्रिय संगठनों ने एक मंच पर एकजुटता का परिचय दिया। यह समारोह क्षत्रिय और सवर्ण समाज की एकता को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान “जय भवानी, जय महाराणा प्रताप” के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा।

न्याय यात्रा का ऐलान, आगरा से पैदल होंगे रवाना – मकराना
समारोह में मुख्य अतिथि श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि हम UGC रोलबैक के काले कानून के खिलाफ पूरे देश में समाज को जगा रहे हैं। चार राज्यों में हजारों किलोमीटर की न्याय यात्रा निकाल चुके हैं और अब मध्य प्रदेश होते हुए 10 जनवरी को दिल्ली जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आगरा के सवर्ण समाज से आगरा से ही हम पैदल दिल्ली कूच करेंगे, इसलिए इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। जो कानून हमारे बच्चों को जन्मजात अपराधी घोषित करता हो, हम ऐसे काले कानून के खिलाफ अपने बच्चों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम किसी जाति-संप्रदाय के खिलाफ नहीं हैं।
यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि राजपूत का असली धर्म सर्व समाज की सेवा करना है, जो समाज के लिए त्याग करता है, इतिहास उसे ही सदियों तक याद रखता है।
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के चमचे बनकर मत रहो। एकजुट हो जाइए, अपनी शक्ति पहचानिए। समाज और राष्ट्र के लिए सर कटाना ही राजपूत का धर्म है।
स्वागत उद्बोधन में विजयपाल सिंह चौहान एडवोकेट ने कहा कि अपने गौरवशाली इतिहास के शौर्य पुरुषों का स्मरण और वर्तमान को सुधारने का संकल्प ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। क्षत्रिय समाज ने सर्व समाज के लिए शिक्षा और चिकित्सा के द्वार खोले हैं।
जिला महामंत्री गजेन्द्र सिंह परमार और कार्यक्रम संयोजक गौरव परमार ने कहा कि समाज में समरसता का संदेश देना और शिक्षा के माध्यम से समाज को सुधारना, अंधविश्वास और कुरीतियों को दूर करना हमारा लक्ष्य है।

कार्यक्रम के दौरान अनाया परमार ने “श्री रामचंद्र कृपालु” भजन पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री गजेन्द्र सिंह परमार ने किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व विधायक रविन्द्र सिंह, डॉ. रामकेश परमार, कपूरचंद सिकरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान, आर.पी. सिंह जादौन, दिनेश सिकरवार एडवोकेट, डॉ. रामलखन सिंह राठौर, श्याम भदौरिया, कोषाध्यक्ष शीलेन्द्र सिंह चौहान, ब्रजराज सिंह परमार, विवेक तोमर, राजवीर सिंह ककरारी, चंद्रभान तोमर, देवेंद्र धाकरे, छुट्टन सिंह तरकर, गजेंद्र सिंह परमार दयालबाग, डॉ. आरपी सिंह परमार सहित सैकड़ों क्षत्रिय बंधु मौजूद रहे।
