आगरा में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस वार्षिक शुल्क ने जहां व्यापारियों की नींद उड़ा दी है, वहीं समाजवादी व्यापार सभा के नेता इस मुद्दे पर “नाश्ते के साथ” गहन मंथन करते नजर आए। विजयनगर कॉलोनी स्थित प्रदेश सचिव एवं मंडल प्रभारी मनोज गुप्ता के आवास पर हुई इस खास बैठक में चाय-नाश्ते की गर्माहट के बीच “टैक्स” पर ठंडी-गर्म बहस चली।
बताया जा रहा है कि बैठक में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने समोसे और चाय के साथ नगर निगम की नीतियों का स्वाद चखा—और नतीजा कुछ कड़वा ही निकला। नेताओं ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की, लेकिन अंदाज़ ऐसा था मानो हर बयान के साथ एक और चाय की चुस्की जरूरी हो।
व्यापारियों के दर्द पर चर्चा जरूर हुई, मगर माहौल ऐसा रहा कि जैसे “नाश्ता पहले, आंदोलन बाद में” की रणनीति बन रही हो। कुछ नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर शुल्क वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा—हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अगली बैठक भी नाश्ते पर ही होगी या इस बार लंच का इंतज़ाम रहेगा।
तंज़ कसते हुए स्थानीय लोग कहते नजर आए कि “जब तक चाय गर्म है, बयान भी गर्म रहेंगे… देखना ये है कि सड़क पर उतरने की गर्मी कब आती है।”
आगरा में फिलहाल ट्रेड लाइसेंस से ज्यादा चर्चा “नाश्ते की राजनीति” की हो रही है। अब देखना यह है कि यह मुद्दा प्लेट से उठकर सड़कों तक पहुंचता है या नहीं!

