जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया ‘मानवाधिकार कानून बुकलेट’ का विमोचन
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर युवा अधिवक्ता संघ आगरा मंडल द्वारा तैयार की गई 120 पृष्ठों की मानवाधिकार कानून जागरूकता बुकलेट का विमोचन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, आगरा द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर न्यायाधीश महोदय ने मानवाधिकारों के संरक्षण और नागरिकों में कानूनी जागरूकता फैलाने के इस प्रयास की सराहना की।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बुकलेट?
मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा की गई थी और तभी से हर वर्ष 10 दिसंबर को विश्वभर में मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।
युवा अधिवक्ता संघ पिछले 10 वर्षों से इस अवसर पर लगातार—जन-जागरूकता शिविर, विचार गोष्ठियां कार्यशालाएं,वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करता आ रहा है।
इस वर्ष संघ ने एक महीने लंबे जागरूकता अभियान के तहत 120 पन्नों की विस्तृत बुकलेट तैयार की है। इसमें आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए—
मानवाधिकार क्या हैं?
मानवाधिकार आयोग में शिकायत कैसे करें?
शिकायत की प्रक्रिया, सुनवाई और आगे की कार्रवाई
किन मामलों में पीड़ित आयोग का दरवाजा खटखटा सकता है?
मानवाधिकार हनन की स्थितियों में उपलब्ध कानूनी उपाय
जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सरल भाषा में शामिल की गई हैं।
शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
बुकलेट के विमोचन के बाद दीवानी न्यायालय आगरा में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के जवानों के लिए विशेष जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जवानों को मानवाधिकार संबंधी कानून, कर्तव्यों और संवैधानिक ढांचे की जानकारी दी गई।
2000 बुकलेट मुफ्त वितरण के लिए तैयार
युवा अधिवक्ता संघ आगरा मंडल द्वारा 2000 प्रतियाँ प्रकाशित कराई गई हैं, जिन्हें आगामी दिनों में निम्न स्थानों पर मुफ्त वितरित किया जाएगा—
स्कूल–कॉलेज और विश्वविद्यालय
अस्पताल एवं चिकित्सा संस्थान
कॉल सेंटर एवं महिला सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र
मजदूर, कामगार और दिव्यांगजन समुदाय
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के जागरूकता शिविर
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
जिला न्यायाधीश ने की प्रशंसा
बुकलेट का विमोचन करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ने युवा अधिवक्ता संघ की इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए निशुल्क विधिक जागरूकता शिविर समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नितिन वर्मा (मंडल अध्यक्ष),प्रो. डॉ. अरविंद मिश्रा (वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व विधि सलाहकार, महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश),वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश कुमार वर्मा,अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा,असिफ आज़ाद (माइनॉरिटी सेल अध्यक्ष),मनोज गुर्जर (महासचिव),कृष्ण मुरारी महेश्वरी,रूपेश भारद्वाज, एसपी सिंह, देव कुमार गौतम,वीरेंद्र पाल सिंह, रविंद्र सिंह, सत्य प्रकाश बघेल,आकाश सिंह, भारत सिंह, राजा यादव,धर्मेंद्र वर्मा, कृष्ण कुमार कौशल, नरेश पारस सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन महासचिव मनोज गुर्जर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने घोषणा की कि युवा अधिवक्ता संघ भविष्य में भी मानवाधिकारों के हनन की स्थिति में निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।

