नारी सम्मान से ही बनेगा सशक्त समाज
लेखिका: तबस्सुम अब्बास
( शिक्षिका एवं सामाजिक चिंतक)
हर वर्ष 8 मार्च को पूरी दुनिया में International Women’s Day मनाया जाता है। यह दिन केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है—यह सोचने का कि समाज में महिलाओं को उनका वास्तविक सम्मान, अधिकार और अवसर कितना मिल पाया है।
नारी सृष्टि की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। वह जीवन देने वाली मां है, संस्कारों की पहली शिक्षक है और समाज की बुनियाद है। इतिहास गवाह है कि जब-जब महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और प्रशासन—हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी मेहनत और क्षमता से समाज को नई दिशा दी है।
आज भारत समेत दुनिया के कई देशों में महिलाओं ने नई ऊँचाइयों को छुआ है, लेकिन यह भी सच है कि अभी भी समाज के कई हिस्सों में उन्हें भेदभाव, असमानता और हिंसा का सामना करना पड़ता है। कहीं बेटियों की शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता, तो कहीं उन्हें निर्णय लेने का अधिकार नहीं मिलता। ऐसे में महिला दिवस केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन होना चाहिए कि हम महिलाओं को बराबरी का सम्मान और अवसर दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।
महिलाओं की शिक्षा सबसे बड़ी ताकत है। एक शिक्षित महिला न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाती है बल्कि पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए जरूरी है कि बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
समाज के विकास की असली पहचान तभी होती है जब वहां महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलता है। यदि किसी समाज में महिलाएं सशक्त हैं, तो वह समाज निश्चित रूप से प्रगतिशील और सभ्य माना जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संदेश देता है कि महिलाओं को केवल सम्मान देने की बात न की जाए, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का समान अवसर दिया जाए। परिवार, समाज और सरकार—सभी की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करें और उनके विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें।
आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम बेटियों को शिक्षा देंगे, महिलाओं का सम्मान करेंगे और समाज में समानता की भावना को मजबूत करेंगे। क्योंकि जब नारी सशक्त होगी, तभी समाज सशक्त होगा और तभी एक बेहतर भविष्य का निर्माण संभव होगा।
नारी केवल घर की शोभा नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और भविष्य की दिशा है।
यही संदेश International Women’s Day हमें हर वर्ष याद दिलाता है।

