चेन्नई | Times of TAJ
द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अभिनेता और तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय को राजनीतिक दबाव में लेने का गंभीर आरोप लगाया है। एलंगोवन का दावा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेशी के बाद विजय को निशाना बनाया जा रहा है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में एलंगोवन ने कहा,
“भाजपा विजय को धमका रही है, यह सबको पता है। उनकी फिल्म ‘जना नायकन’ को जानबूझकर सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा। इसमें देरी का मकसद विजय पर दबाव बनाना है ताकि उन्हें अपने पक्ष में किया जा सके।”
एलंगोवन ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी “वॉशिंग मशीन” की तरह काम करती है।
उन्होंने कहा,
“भाजपा पहले आरोप लगाती है और जैसे ही कोई उनके साथ चला जाता है, सारे आरोप खत्म हो जाते हैं। यह सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।”
सुप्रीम कोर्ट से ‘जना नायकन’ को राहत नहीं
इधर, अभिनेता विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट से निर्माताओं को कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने फिल्म के प्रमाणन से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय को निर्देश दिया है कि वह 20 जनवरी तक इस मामले में फैसला सुनाए।
यह याचिका फिल्म निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी की ओर से दायर की गई थी, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को फिल्म के प्रमाणीकरण के निर्देश पर रोक लगा दी थी।
राजनीति में उतरने से पहले विजय की आखिरी फिल्म
गौरतलब है कि ‘जना नायकन’ को 9 जनवरी को पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था। इस फिल्म को अभिनेता विजय की राजनीति में सक्रिय प्रवेश से पहले की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। हाल ही में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) का गठन किया है, जिसके बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

