आगरा में कांग्रेस पार्टी की चुनावी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, शहर के कई विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के BLA (Booth Level Agent) या तो बूथों पर पहुंचे ही नहीं या आखिरी समय पर गायब पाए गए।
यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी मुकाबला बेहद कठोर है और बूथ प्रबंधन जीत का सबसे अहम आधार माना जाता है।
BLA की गैरमौजूदगी—चुनावी गणित पर बड़ा असर
चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि:
-
बिना BLA के बूथ पर पार्टी की निगरानी कमजोर हो जाती है
-
मतदाता सूची की जांच, फर्जी मतदान रोकने और अपने समर्थकों को बूथ तक लाने का काम प्रभावित होता है
-
विपक्षी दलों को रणनीतिक बढ़त मिल जाती है
आगरा के कई बूथों पर कांग्रेस की यह स्थिति देखकर क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों ने इसे पार्टी की गंभीर कमजोरी बताया है।
स्थानीय नेतृत्व में समन्वय की कमी?
स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बीच भी समन्वय की कमी की चर्चा है।
कुछ पदाधिकारियों ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि:
-
“पार्टी ने कई जगह BLA की नियुक्ति तो कर दी, लेकिन उनकी ट्रेनिंग और मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई।”
-
“कुछ BLA अंतिम समय पर फोन तक नहीं उठा रहे थे।”
क्या ऐसे चुनाव जीते जाते हैं?
उत्तर प्रदेश जैसा विशाल और राजनीतिक रूप से जटिल राज्य बूथ स्तर की मजबूती पर ही चुनावी सफलता देता है।
ऐसे में कांग्रेस के BLA का गायब होना पार्टी की तैयारी पर सवाल खड़ा करता है:
-
क्या कांग्रेस बूथ मैनेजमेंट को गंभीरता से नहीं ले रही?
-
क्या यह सिर्फ कागजी तैयारी है?
-
क्या नेतृत्व की पकड़ कमजोर है?
बीजेपी व अन्य दलों को मिलेगा फायदा
जबकि कांग्रेस के BLA गायब बताए जा रहे हैं, दूसरी तरफ
-
बीजेपी
-
समाजवादी पार्टी
-
RLD
जैसे दल बूथ स्तर पर बेहद मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का संकेत है।
कांग्रेस की सफाई
कांग्रेस का कहना है कि
-
“कई बूथों पर BLA मौजूद थे।”
-
“कुछ बदलाव अंतिम समय पर हुए, लेकिन सब ठीक कर लिया गया है।”
हालांकि जमीनी रिपोर्टें कुछ और तस्वीर दिखा रही हैं।

