आगरा। ताजमहल घूमने आए महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के एक 60 वर्षीय वृद्ध पर्यटक के लिए आगरा पुलिस सहारा बन गई। ताजमहल परिसर में परिवार से बिछड़ जाने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें मात्र 30 मिनट में उनके परिजनों से मिला दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के बुलढाणा निवासी बद्रीनाथ सांगले (60 वर्ष) अपने परिवार के साथ ताजमहल देखने आए थे। भ्रमण के दौरान वे पूर्वी गेट से बाहर निकल गए, जबकि उनके परिवार के सदस्य पश्चिमी गेट से बाहर आ गए। इस कारण वे एक-दूसरे से बिछड़ गए और दोनों पक्ष काफी देर तक एक-दूसरे को तलाश करते रहे।
काफी खोजबीन के बाद परेशान होकर पर्यटक की भतीजी ने पश्चिमी प्रवेश द्वार पर स्थित थाना ताज सुरक्षा की क्विक रिस्पांस टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल को अपने काका के बिछड़ने की सूचना दी। इसी दौरान वृद्ध होने के कारण थककर बद्रीनाथ सांगले शिल्पग्राम पार्किंग के पास बैठ गए, जहां पर्यटन पुलिस के उपनिरीक्षक विपिन पंवार ने उन्हें देखा और रोककर हिम्मत बंधाई।
भाषा की समस्या के कारण बद्रीनाथ सांगले हिंदी ठीक से नहीं समझ पा रहे थे, इसलिए वे अपनी जानकारी स्पष्ट नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस टीम ने उच्चाधिकारियों के निर्देशन में तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच, आरटी सेट मैसेज और रेडियो अनाउंसमेंट के माध्यम से मराठी भाषा में प्रसारण कराया। पुलिस की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप मात्र 30 मिनट के भीतर वृद्ध पर्यटक को उनके परिवार से मिला दिया गया।
क्विक रिस्पांस टीम के इस सराहनीय कार्य से प्रभावित होकर परिवार के सदस्यों ने ताज सुरक्षा पुलिस की प्रशंसा की और आगरा पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस टीम में शामिल—
उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल
उपनिरीक्षक विपिन पंवार
आरक्षी आशु
महिला आरक्षी मधु चौधरी
महिला आरक्षी सुलेखा
आगरा पुलिस की इस संवेदनशील पहल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस हर समय तत्पर है।

