कुसुम कुलश्रेष्ठ, मंगलेश, ब्रजेश और राजकुमारी मदान का सम्मान किया गया।
रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच पूर्व छात्राओं ने अपनी सुनहरी स्मृतियों को फिर से महसूस किया। स्कूल का वह अनोखा दृश्य भावुक कर देने वाला था, जब मंजू गर्ग और नेहा गर्ग, जो आज सास–बहू हैं, लेकिन कभी एक ही स्कूल की छात्राएं रहीं, साथ में कार्यक्रम में शामिल हुईं।वहीं शिक्षिका मीना शर्मा अपनी बेटी और पूर्व छात्रा शुभ्रा शर्मा तथा भतीजी अक्षरा शर्मा के साथ पहुंचीं, जिससे तीन पीढ़ियों की स्कूल से जुड़ी भावनात्मक तस्वीर सामने आई।अपने संबोधन में टीएन अग्रवाल ने कहा कि पूर्व छात्राओं के इस पुनर्मिलन से विद्यालय का गौरव और बढ़ा है। इस विद्यालय से शहर के भामाशाहों का लगाव रहा है। विद्यालय की छात्राएं चार्टर अकाउंटेंट, डॉक्टर, शिक्षिका आदि हैं। यूपी बोर्ड को पास करना आज भी आसान नहीं है। यहां की छात्राएं जीवन में कभी असफल नहीं होती।प्रधानाचार्य कुमुद ग्रोवर ने कहा कि विद्यालय की सफलता की पहचान ही उसके पूर्व छात्र-छात्राएं होते हैं, और उनका एक साथ आना विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।नारी सशक्तिकरण पर आयोजित विचार गोष्ठी में वर्तमान छात्राओं ने अपने विचार रखे और समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया, जिन्हें आगरा व्यापार मंडल की ओर से नगद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
यादों और भावनाओं से भरे इस मिलन का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ।

