रिपोर्ट: एस. मुनीर
अलीगढ़।। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रजिस्ट्रार प्रो. आसिम ज़फ़र ने एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (AMUTA) के मानद सचिव अशरफ़ मतीन और कार्यकारिणी समिति को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 25 दिसंबर 2025 को हुई एएमयू टीचर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में पारित उस प्रस्ताव से जुड़ा है, जिसमें 24 दिसंबर 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में हुई गोलीबारी की घटना और एक शिक्षक की मृत्यु के संदर्भ में विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की गई थी।

रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 27 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रस्ताव, जिसे सचिव की हैसियत से अशरफ़ मतीन ने हस्ताक्षरित कर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया, उसमें कुलपति के संदर्भ में “अयोग्यता और असंवेदनशीलता” तथा “बेशर्म बचाव” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जो अत्यंत आपत्तिजनक, असंयमित और दुर्भाग्यपूर्ण है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के विचार व्यक्त करने और रचनात्मक आलोचना करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन इस तरह की अपमानजनक और अवमाननापूर्ण भाषा न केवल कुलपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि विश्वविद्यालय की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है और अकादमिक सौहार्द के वातावरण को बाधित करती है।
पत्र में कहा कहा गया है कि आलोचना और व्यक्तिगत आरोपों के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है, विशेष रूप से तब जब मामला जांचाधीन हो। ऐसे समय में इस प्रकार की भाषा संस्थागत असंतुलन पैदा कर सकती है और जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्ताव की सामग्री, भाषा और लहजे की जिम्मेदारी केवल सचिव की नहीं, बल्कि पूरी कार्यकारिणी समिति की सामूहिक जिम्मेदारी है। सामूहिक निर्णय होने का अर्थ यह नहीं कि जवाबदेही कम हो जाती है।
रजिस्ट्रार ने एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे सात दिन के भीतर यह स्पष्ट करें कि क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की असंयमित, अपमानजनक या निराधार टिप्पणियों से बचने की सख्त चेतावनी भी दी गई है।
पत्र की प्रति एएमयू टीचर्स एसोसिएशन की पूरी कार्यकारिणी समिति और कुलपति के निजी सचिव को सूचना एवं अनुपालन के लिए भेजी गई है।

