कोलकाता/मुर्शिदाबाद।पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर से विवादित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूँ कबीर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कबीर ने 6 दिसंबर को — जिस दिन 1992 में अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाया गया था — बेलडांगा में एक प्रस्तावित बाबरी मस्जिद का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Trinamool Congress MLA Humayun Kabir says, "We will lay the foundation stone of Babri Masjid on 6th December in Beldanga, Murshidabad district. It will take three years to complete. Various Muslim leaders will participate in that event…" pic.twitter.com/qAeerN0ZTm
— ANI (@ANI) November 21, 2025
चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्यक्रम में उन्होंने विपक्ष के एकमात्र मुस्लिम विधायक और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के नेता नौशाद सिद्दीकी को भी आमंत्रित किया है। सिद्दीकी 2021 में दक्षिण 24 परगना के भांगड़ से पहली बार विधायक चुने गए थे।
कबीर ने कहा,
“6 दिसंबर को मैं प्रस्तावित बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करूँगा। मैंने सिद्दीकी को आमंत्रित किया है क्योंकि वे धार्मिक व्यक्ति हैं। हम इस कार्यक्रम में विधायक के रूप में नहीं, बल्कि एक धर्मनिष्ठ मुसलमान के तौर पर शामिल होंगे।”
कबीर का कहना है कि यह कार्यक्रम पहले से तय था, इसलिए वे कोलकाता में टीएमसी द्वारा आयोजित बाबरी मस्जिद एकजुटता रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने बताया कि मुस्लिम धर्मगुरुओं से किए गए वादे के कारण वे अपने बेलडांगा वाले कार्यक्रम में ही उपस्थित रहेंगे।
सिद्दीकी ने अभी तक कबीर के निमंत्रण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या चुनावी मौसम से पहले सत्ता और विपक्ष के मुस्लिम विधायक एक मंच पर दिखेंगे।
भाजपा का तीखा हमला
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने टीएमसी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा:
“टीएमसी का मतलब अब ‘तुष्टि कारण मुझे चाहिए’ हो गया है। हुमायूँ कबीर पहले ही हिंदुओं को धमकी देने वाले बयान दे चुके हैं और अब वोट बैंक की राजनीति के लिए नई साज़िश कर रहे हैं। ये वही लोग हैं जो राम मंदिर, ‘जय श्री राम’ और हिंदू आस्थाओं का विरोध करते हैं।”
पूनावाला ने इसे बंगाल की राजनीति में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की सोची-समझी रणनीति बताया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता उदित राज ने इस विवाद में अलग रुख अपनाते हुए कहा:
“अगर मंदिर की आधारशिला रखी जा सकती है तो मस्जिद की नींव रखने में क्या समस्या है? इसका विरोध करने वाले लोग बिना वजह अटकलें लगा रहे हैं। यह धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है, जो हर देश में मौजूद होना चाहिए।”
राजनीतिक तापमान बढ़ा
कबीर द्वारा किए गए इस आमंत्रण ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ भाजपा इसे ‘ध्रुवीकरण का प्रयास’ बता रही है, वहीं टीएमसी इस पर चुप्पी साधे हुए है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि क्या नौशाद सिद्दीकी इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं या नहीं।

