आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षा एवं शिक्षक कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ बुधवार को आगरा के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम, आरबीएस कॉलेज, खंदारी में आयोजित समारोह में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा वाराणसी से किए गए राज्यस्तरीय शुभारंभ एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सजीव प्रसारण का अधिकारियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अवलोकन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, जिलाधिकारी मनीष बंसल तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुई।
इस अवसर पर मंत्री बेबी रानी मौर्य एवं अन्य अतिथियों ने शिक्षकों और लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा प्रमाणपत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
शिक्षकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता: बेबी रानी मौर्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षकों, शिक्षा परिवार से जुड़े सभी कार्मिकों और उनके आश्रितों की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षक आचार्य चाणक्य की तरह संस्कारवान, चरित्रवान और राष्ट्रभक्त पीढ़ी तैयार करें, जो भविष्य में भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
विद्यार्थियों को दें व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा
मंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जीवन कौशल से भी समृद्ध करें, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, तो शिक्षकों का भी दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
12 लाख शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। योजना में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा के राजकीय, अशासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित एवं व्यावसायिक विद्यालयों के शिक्षक, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक तथा पीएम पोषण योजना के रसोइये भी शामिल किए गए हैं।
1.10 करोड़ विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से मिलेगी सहायता
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदेश के 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ₹1200 प्रति छात्र की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह राशि यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी की खरीद के लिए दी जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा के लिए एसबीआई से हुआ समझौता
सरकार ने प्रदेश के 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता भी किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा वाराणसी से विभिन्न योजनाओं के शुभारंभ का सीधा प्रसारण भी देखा गया।

