क्रीड़ा भारती ने मनाया भारत की गौरवगाथा — समरसता, सेवा और संकल्प का संगम
नई दिल्ली,। “वसुधैव कुटुंबकम” — संपूर्ण विश्व एक परिवार है और “अतिथि देवो भवः” — अतिथि देवता समान है — इन भारतीय आदर्शों को साकार करते हुए भारत की राजधानी नई दिल्ली में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का भव्य आयोजन सफलता की नई मिसाल बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को उत्कृष्टता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के आदर्श संयोजन के साथ संपन्न किया। इस आयोजन ने पूरी दुनिया के सामने यह स्थापित कर दिया कि भारत अब सिर्फ खेल प्रतिभा का केंद्र नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय आयोजन का भी सक्षम नेतृत्वकर्ता है। भारत ने अपनी मेजबानी से हर अतिथि का दिल जीत लिया, जिससे यह प्रतियोगिता केवल खेल नहीं बल्कि विश्व एकता, सम्मान और समरसता का उत्सव बन गई।
भारत की ‘पैरा शक्ति’ ने चमकाया तिरंगा: रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 100 से अधिक देशों के श्रेष्ठ खिलाड़ी शामिल हुए, जिन्होंने कुल 186 इवेंट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन किया। भारत के 73 पैरा-एथलीट्स के दल ने इतिहास रचते हुए कुल 22 पदक (6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य) जीतकर अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन दर्ज किया। यह उपलब्धि केवल पदक संख्या नहीं, बल्कि ‘न्यू इंडिया’ की नई आत्मा की झलक है — वह आत्मा जो सीमाओं को पार करती है, कठिनाइयों को चुनौती देती है और हर मंच पर भारत का तिरंगा बुलंद करती है। इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि दिव्यांगता शरीर की नहीं, बल्कि सोच की होती है, और जब हौसले बुलंद हों तो हर चुनौती अवसर बन जाती है।
भारत की मेजबानी पर विश्व ने झुकाया सर: सेवा, सम्मान और संवेदना का संगम
नई दिल्ली में आयोजित इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत केवल एक उभरता हुआ खेल राष्ट्र नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और संगठित मेजबान भी है। विश्वभर के खिलाड़ियों और उनके कोचों ने भारत की गर्मजोशी, व्यवस्था और अनुशासन की सराहना की। इस आयोजन में 500 से अधिक स्वयंसेवक शामिल रहे — जिनमें स्पोर्ट्स कॉलेजों के विद्यार्थी, मेडिकल छात्र, एनसीसी कैडेट्स, आर्म्ड फोर्सेज के जवान और एनडीआरएफ कर्मी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि हर अतिथि को सुविधा, सुरक्षा और सम्मान मिले। यह भारत की उस संस्कृति का प्रतिबिंब था जो “सेवा परमो धर्म:” को अपना मूल मंत्र मानती है।
हर खिलाड़ी और अधिकारी ने कहा — “भारत ने दिल जीत लिया।”
सफलता के सूत्रधार: नेतृत्व, परिश्रम और सहयोग का अद्भुत समन्वय
इस आयोजन की सफलता के पीछे नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों का असाधारण संगम रहा। पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष श्री देवेंद्र झांझरिया, जो स्वयं एक पद्मश्री और ओलंपिक पदक विजेता हैं, ने इस आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके साथ PCI डायरेक्टर श्री सत्य बाबू, जो साउथ एशिया पैरालंपिक कमिटी के अध्यक्ष भी हैं, ने दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित किया कि हर खंड में उच्चतम स्तर की व्यवस्था हो। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, दिल्ली सरकार, और अन्य विभागों ने मिलकर भारत की संगठन क्षमता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन भविष्य के लिए उस मॉडल की तरह है जिससे दुनिया के हर देश को प्रेरणा मिल सकती है।
क्रीड़ा भारती का योगदान: ‘फिट इंडिया, हिट इंडिया’ का जन संदेश
राष्ट्रीय खेल संस्था क्रीड़ा भारती ने इस ऐतिहासिक आयोजन में अपनी राष्ट्रसेवा भावना का परिचय दिया। 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक 500 से अधिक स्वयंसेवक क्रीड़ा भारती के बैनर तले आयोजन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने न केवल दिव्यांग खिलाड़ियों की सहायता की बल्कि “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत – फिट इंडिया, हिट इंडिया” का नारा जन-जन तक पहुंचाया। क्रीड़ा भारती का मानना है कि खेल केवल शरीर को नहीं, बल्कि चरित्र और राष्ट्र को भी मजबूत बनाते हैं। उनका संदेश था — “खेलों से चरित्र निर्माण होता है और चरित्र से राष्ट्र निर्माण।” हर युवा, हर महिला, हर नागरिक को प्रतिदिन कुछ घंटे खेल के लिए देने चाहिए, ताकि राष्ट्र ऊर्जा और स्वास्थ्य से समृद्ध बने।
भारत की खेल यात्रा का नया अध्याय: ओलंपिक की ओर बढ़ते कदम
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के खेल नेतृत्व की दिशा में बढ़ाया गया ऐतिहासिक कदम है। इस आयोजन ने दिखा दिया कि भारत न केवल विश्व स्तरीय आयोजन करने में सक्षम है, बल्कि आने वाले वर्षों में ओलंपिक जैसे भव्य आयोजन की मेजबानी करने की क्षमता रखता है।
भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि हम केवल प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं, बल्कि समरसता, साहस और सेवा की भावना के लिए खेलते हैं। यह आयोजन आने वाले वर्षों में ‘भारत – विश्व खेल राजधानी’ बनने की दिशा में एक ठोस नींव साबित होगा।
एकता, समरसता और मानवीय संवेदना का वैश्विक संदेश
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 ने यह सिद्ध कर दिया कि खेल केवल शक्ति और जीत का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और एकता का उत्सव भी है। भारत ने दुनिया को यह बताया कि जब सेवा, संवेदना और संकल्प एक साथ मिलते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। क्रीड़ा भारती ने सभी आयोजकों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और अंतरराष्ट्रीय अतिथियों को हार्दिक बधाई देते हुए यह संदेश दिया, “खेलो, मुस्कुराओ और बढ़ाओ भारत की शान — यही है क्रीड़ा भारती का मंत्र, यही है राष्ट्र निर्माण की दिशा।”

