चित्रकूट। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चित्रकूट दौरे के दौरान आयोजित जनसभा में विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया और न्यायालय में श्रीराम को काल्पनिक बताया, वही आज आस्था की राजनीति कर रहे हैं।
चित्रकूट इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 950 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की विरासत का सम्मान किए बिना देश और प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम मंदिर को लेकर विपक्ष लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर सरकार ने उच्चस्तरीय जांच कराई। उनके अनुसार जांच में छह लोगों के चोरी और दो लोगों के साजिश में शामिल होने के प्रमाण मिले, लेकिन पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना उचित नहीं है।
उन्होंने वक्फ संपत्तियों, भूमि कब्जों और माफियाओं पर कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में लगभग 64 हजार एकड़ भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भूमि पर अवैध कब्जों को संरक्षण मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट को आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ रक्षा उत्पादन, पर्यटन, शिक्षा और आधारभूत विकास का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां विकसित हो रहा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगा और ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन श्रृंखला में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में विकसित एयरपोर्ट से दिल्ली और लखनऊ के लिए हवाई सेवाएं शुरू होने के बाद चित्रकूट में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। गुप्त गोदावरी, रामघाट और अन्य धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है तथा खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित चित्रकूट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

