भारतीय ज्ञान परम्परा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शोध बिंदु रहेगा : प्रो जसीम मोहम्मद
नमो अध्ययन केन्द्र स्कूल के शिक्षकों को वरीयता देगी, स्कूल कन्वेंशन करवाया जाएगा : प्रो दिव्या तंवर
नई दिल्ली : सेंटर फॉर नमो स्टडीज़, नई दिल्ली चैप्टर की ओर से मास्टर डिग्री कर रहे छात्रों, शोधकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो उम्मीदवारों एवं स्वतंत्र बुद्धिजीवियों को “सी०एन०एम एस० प्राइम स्कॉलर्स” का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करने हेतु सदस्यता अभियान की शुरुआत किया।
“सी० एन०एम एस० प्राइम स्कॉलर्स” सदस्यों का गठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्कूल शिक्षकों का भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ाव तथा अखंड भारत की सभ्यतागत भावना में निहित विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप किया जा रहा है।
प्रो जसीम मोहम्मद ने बताया कि, शिक्षक एवं शोधकर्ता नमो अध्ययन केन्द्र द्वारा गूगल लिंक द्वारा आवेदन कर सकते हैं। इन सदस्यों को जिसमें शिक्षा नीति एवं उच्च शिक्षा, सार्वजनिक नीति, शासन एवं प्रशासन,राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध, कानून, संविधान एवं लोकतांत्रिक संस्थाएँ, अर्थशास्त्र, विकास एवं स्थिरता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, भारतीय ज्ञान प्रणाली, कला एवं संस्कृति, मीडिया, संचार एवं भाषाएँ, समाज कार्य, ग्रामीण विकास एवं समाज, राष्ट्रीय एकता, अखंड भारत एवं विकसित भारत 2047, जलवायु परिवर्तन विषयों पर शोध कार्य किया जाएगा।
नमो अध्ययन केन्द्र के सह संयोजिका प्रो दिव्या तंवर ने बताया कि, मास्टर डिग्री तथा शोधार्थीओ से जो कार्य लिया जाएगा उसमें शोध पत्रों, पब्लिक पॉलिसी, लेखों एवं विश्लेषणात्मक निबंधों में योगदान, नमो अध्ययन केन्द्र के सेमिनार, सम्मेलनों, कार्यशालाओं एवं अकादमिक चर्चाओं में भाग लें तथा उनका आयोजन करने में अपना योगदान एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विषयगत अनुसंधान परियोजनाओं में सम्मिलित होना होगा।
ट्रस्टी डॉक्टर दौलत राम ने बताया कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन, शासन सुधारों एवं समावेशी विकास से संबंधित विद्वतापूर्ण कार्यों का समर्थन करने की गुण समझाया जाएगा तथा शोधार्थियों से भारत की सभ्यतागत एकता एवं भविष्य के रोडमैप पर चर्चाओं में बौद्धिक योगदान हेतु कार्य किया जायेंगे।
मानद सदस्य डॉक्टर जावेद रहमानी ने बताया कि, यह उन छात्र , शिक्षको एवं शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो समाज और राष्ट्र के लिए सक्रिय रूप से योगदान देना, सहयोग करना तथा सार्थक अकादमिक कार्यों में संलग्न होना चाहते हैं।
सभापति प्रो जसीम मोहम्मद ने बताया कि, चयन प्रक्रिया आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी तथा योग्यता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा तथा अंतिम चयन नमो अध्ययन केन्द्र की जूरी समिति द्वारा किया जाएगा। “सी० एन०एम एस० प्राइम स्कॉलर्स” टीम की सदस्यता पूर्णतः अकादमिक कार्य, अनुसंधान अभिविन्यास एवं बौद्धिक योगदान पर आधारित होगी। इस कार्यक्रम में शोधार्थियों तथा छात्रों को प्रशस्ति पत्र के मानदेय देने का प्रावधान है।

