नई दिल्ली / भोपाल / चंडीगढ़ |मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 14 बच्चों की मौत के बाद देशभर में दहशत फैल गई है। गंभीर दुष्प्रभावों की रिपोर्ट सामने आने के बाद पंजाब, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड ने इस दवा की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
पंजाब के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप को मध्य प्रदेश की सरकारी प्रयोगशाला ने “मानक गुणवत्ता का नहीं” घोषित किया है। आदेश में कहा गया —
“यह उत्पाद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में हाल ही में हुई बच्चों की मौत से जुड़ा पाया गया है, इसलिए जनहित में तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगाई जाती है।”
उत्तर प्रदेश सरकार भी सख्त
उत्तर प्रदेश के सहायक औषधि प्रशासन आयुक्त ने सभी जिलों के निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि श्रीसन फ़ार्मास्यूटिकल, छिंदवाड़ा द्वारा निर्मित सिरप के नमूने सरकारी व निजी दोनों संस्थानों से तुरंत एकत्र किए जाएं।
साथ ही, अगली सूचना तक आयात-निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेशों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
डीईजी की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता
मध्य प्रदेश के औषधि प्रशासन ने जांच में दो और कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा अधिक पाई है, जो गंभीर विषाक्तता (Toxicity) का कारण बन सकती है। अब इन दवाओं पर भी प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दक्षिणी राज्यों में भी सतर्कता
केरल सरकार ने बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष समिति बनाई है।
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य औषधि नियंत्रक ने कोल्ड्रिफ सिरप पर बैन लगा दिया है और सरकारी अस्पतालों में यह उत्पाद उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टर के पर्चे के बिना बाल चिकित्सा दवाएँ न बेची जाएँ।
🧴 देशभर में मचा हड़कंप
अब तक कई राज्यों ने एडवाइजरी जारी कर फार्मेसियों को चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा नियंत्रित नहीं रही, तो यह बच्चों के गुर्दे और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
🗞️ टाइम्स ऑफ ताज विशेष विश्लेषण:
कोल्ड्रिफ कफ सिरप विवाद ने एक बार फिर देश की दवा निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब दवा निर्माण इकाइयों के ऑडिट और लाइसेंस समीक्षा की व्यापक प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है।

