पटना, बिहार में महागठबंधन की करारी हार के एक दिन बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार चुनाव में विपक्षी मतदाताओं के वोट ‘चुरा लिए’ गए। पार्टी का दावा है कि SIR (Systematic Voter Review) प्रक्रिया के ज़रिए करीब 69 लाख वोट हटा दिए गए, जिनमें अधिकांश विपक्षी मतदाता शामिल थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिहार में डुप्लीकेट और संदिग्ध वोटर शामिल होने के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। रिपोर्टर्स कलेक्टिव की जांच में 1.32 करोड़ से ज़्यादा संदिग्ध वोटर पाए गए, जबकि 39 विधानसभा सीटों पर 3.76 लाख संदिग्ध वोट थे, जिनमें से करीब 1.88 लाख वोट डुप्लीकेट थे।
पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि बिहार चुनाव की घोषणा के दिन यानी 6 अक्टूबर को प्रदेश में मतदाता संख्या 7.42 करोड़ थी, जबकि वोटिंग के बाद यह बढ़कर 7.45 करोड़ हो गई। कांग्रेस ने इसे ‘संदिग्ध’ बताया और कहा कि अचानक 3 लाख वोटर कैसे बढ़ गए, यह जांच का विषय है।
कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं को 10,000 रुपए की किस्तें भेजी गईं, जो आचार संहिता लागू होने के बाद भी जारी रहीं। साथ ही, भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग-अलग राज्यों से बिहार लाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं ताकि वे बिहार में वोट डाल सकें।
अजय माकन ने कहा, “देश में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में BJP का स्ट्राइक रेट 90% से ज्यादा है। किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी। हमने अपने गठबंधन सहयोगियों और कार्यकर्ताओं से बात की है, और उन्हें भी अप्रत्याशित नतीजों पर संदेह है। हम सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ आगे आएंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।”
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