अयाज़ ख़ान अच्छू बोले – “यह महज़ गलती नहीं, बल्कि वोट चोरी का संगठित गोलमाल है।”
नई दिल्ली.स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान सामने आ रही भारी अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के न्याय-योद्धा अयाज़ ख़ान अच्छू ने चुनाव आयोग को एक खुला पत्र भेजकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में उन्होंने दावा किया है कि आयोग की वेबसाइट और रिकॉर्ड में जनपद, विधानसभा और बूथ स्तर पर व्यापक डेटा-गड़बड़ियाँ दर्ज हैं, जो जनता को भ्रमित और अधिकारों से वंचित कर रही हैं।
अयाज़ ख़ान ने इन खामियों को “तकनीकी चूक नहीं, बल्कि वोट चोरी के संगठित प्रयास की झलक” बताया है।
हाथरस जनपद पूरी तरह गायब — सबसे बड़ी चूक
खुले पत्र में सबसे अहम आरोप यह है कि
1997 से स्वतंत्र जनपद होने के बावजूद हाथरस आयोग की सूची से पूरी तरह गायब है।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल गलती नहीं, बल्कि एक पूरे जिले के अस्तित्व को मिटाने जैसा कदम है।
विधानसभा क्षेत्रों और बूथों में गंभीर विसंगतियाँ
पत्र के अनुसार कई स्थानों पर बूथ और विधानसभा गलत जिलों में दर्ज हैं, जिनमें—
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सादाबाद (हाथरस) को मथुरा में दर्ज किया गया है, जिससे मथुरा की विधानसभा संख्या कृत्रिम रूप से बढ़ गई।
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जलेसर (फिरोजाबाद) के 175 बूथ एटा में दर्ज मिल रहे हैं।
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करहल (322) और घिरौर (325) मैनपुरी जिले में होने के बावजूद फिरोजाबाद में दिखाए जा रहे हैं।
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एतमादपुर (339) के 36 बूथ आगरा से हटकर फिरोजाबाद में दर्ज हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यह एक-दो जगह की गलती नहीं, बल्कि “व्यापक स्तर पर फैली अव्यवस्था और वोटरों की पहचान से खिलवाड़” का संकेत है।
जनता और BLO में भारी भ्रम व नाराज़गी
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि मतदाता अपना बूथ ही नहीं खोज पा रहे।
कई BLO ने भी बताया है कि गलत डेटा की वजह से SIR का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कर्मचारियों का कहना है—
“डेटा गलत होने से जनता को समझाना मुश्किल हो गया है। पूरा काम रुक-सा गया है।”
कांग्रेस ने जनता और सरकारी कर्मचारियों—दोनों के मानसिक दबाव को “अत्यंत गंभीर और अस्वीकार्य” बताया है।
कांग्रेस ने रखी सात बड़ी माँगें
अयाज़ ख़ान अच्छू ने आयोग से तुरंत निम्न कदम उठाने की अपील की—
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सभी गलत डेटा को सुधारकर सही जनपद/विधानसभा में अपडेट किया जाए।
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प्रत्येक विधानसभा के कुल बूथों की सार्वजनिक, सत्यापित सूची जारी की जाए।
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2003 के दस्तावेज़ों के सत्यापन हेतु SIR की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।
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गलत या अस्पष्ट PDF हटाकर स्पष्ट स्कैन दस्तावेज़ अपलोड किए जाएँ।
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वेबसाइट की सर्च सुविधा सरल बनाई जाए।
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प्रत्येक जनपद के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर जारी हों।
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BLO/कर्मचारियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव रोका जाए और सही डेटा उपलब्ध कराया जाए।
“जनता की पीड़ा ही लोकतंत्र की आवाज़” — कांग्रेस
अयाज़ ख़ान ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा—
“जहाँ जनता अपने ही वोट की खोज में भटके, वहाँ लोकतंत्र कमजोर होता है। कांग्रेस इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेगी।”

