
सम्मेलन की शुरुआत ट्रैक्टर रैली से हुई, जिसमें किसानों ने नारों के माध्यम से भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रमुख मुद्दों में गन्ना भुगतान में देरी, फसल बीमा की अनियमितताएं, कर्ज माफी की मांग और वोट चोरी जैसे आरोप शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसानों को न्याय दिलाने के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रखेगी।

राष्ट्रीय महासचिव श्री अविनाश पांडे ने संबोधन में कहा, “भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मंदिर-मस्जिद और जातिगत ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। कांग्रेस हमेशा से किसानों की सच्ची साथी रही है। हम गन्ना किसानों को उनका हक दिलाएंगे और फसल बीमा को पारदर्शी बनाएंगे। यह सम्मेलन किसानों के सम्मान की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।” उनके इस बयान ने मंच पर मौजूद किसानों में उत्साह भर दिया।

प्रदेश अध्यक्ष माननीय अजय राय ने जोरदार भाषण देते हुए कहा, “भाजपा सरकार किसान और नौजवान विरोधी है। उत्तर प्रदेश में किसानों का सम्मान लगातार ठेस पहुंच रही है। कांग्रेस सत्ता में आने पर कर्ज माफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देगी। हम किसानों का हाथ थामेंगे और भारत को समृद्ध बनाएंगे।” उनके शब्दों ने सभा में तालियों की गड़गड़ाहट पैदा कर दी।

न्याय योद्धा अयाज़ खान अच्छू ने बताया, “यह सम्मेलन न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान खोजने का मंच है, बल्कि उनके सम्मान को पुनर्स्थापित करने का संकल्प भी है। कांग्रेस पार्टी सदैव अन्नदाताओं के साथ खड़ी रही है। आज के इस आयोजन ने साबित कर दिया कि किसान सशक्त होगा, तो भारत समृद्ध होगा। सभी कार्यकर्ताओं और किसानों का हृदय से धन्यवाद।”
कार्यक्रम में किसान कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री अखिलेश शुक्ला सहित स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। सम्मेलन का समापन “किसान झुकेगा नहीं!” के नारे के साथ हुआ। कांग्रेस ने घोषणा की कि इसी तरह के सम्मेलन प्रदेश के अन्य जनपदों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों की आवाज़ मजबूत हो सके।
यह आयोजन 2027 विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की किसान-केंद्रित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो पार्टी को ग्रामीण मतदाताओं के बीच मजबूत करने का प्रयास है। अधिक जानकारी के लिए UPCC कार्यालय से संपर्क करें।

