पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। यह कदम तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बेलडांगा में शनिवार को “बाबरी मस्जिद” नामक संरचना की नींव रखने की विवादास्पद घोषणा के बाद उठाया गया है।
बेलडांगा क्षेत्र में शुक्रवार को उत्तर बारासात निवासी शफीकुल इस्लाम को अपने सिर पर ईंटें ले जाते देखा गया। उनका कहना है कि यह उनका व्यक्तिगत योगदान है, जो प्रस्तावित मस्जिद निर्माण में लगाया जाएगा। कार्यक्रम में करीब 2,000 वॉलंटियर्स की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है।
#WATCH | West Bengal: Md Safiqul Islam, a resident of Uttar Barasat, walks while carrying bricks on his head and says that his contribution would go toward the construction of Babri Masjid. Suspended TMC MLA Humayun Kabir said that he will lay the foundation stone of Babri Masjid… pic.twitter.com/Kl7H2ImiE2
— ANI (@ANI) December 6, 2025
हाईकोर्ट ने सरकार को दिए सख्त निर्देश
घटना से जुड़े संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए, कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच—जिसकी अध्यक्षता एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल कर रहे हैं—ने एक पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि राज्य को इलाके में कानून-व्यवस्था “सख्ती से बनाए रखनी” होगी और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि इलाके में पहले ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
राज्य के अनुसार—
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CISF की 19 कंपनियाँ क्षेत्र में तैनात
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रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की यूनिट्स सक्रिय
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स्थानीय पुलिस रेजीनगर और आसपास के इलाकों में सतर्क
राज्यपाल का शांति बनाए रखने का आग्रह
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने, और किसी भी भड़काऊ बयान या अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कहीं भी कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
लोक भवन द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट में बताया गया—
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राज्यपाल ने 24×7 एक्सेस प्वाइंट सेल बनाने का आदेश दिया है।
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इसका नेतृत्व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस. के. पटनायक करेंगे।
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नागरिक किसी भी धमकी, अप्रिय घटना या भड़काऊ बयान की सूचना फोन या ईमेल के माध्यम से दे सकेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नज़र रखेंगे और उन्हें विश्वास है कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगी।

