ऑल इंडिया इत्तेहाद-ए-मुस्लेमीन के प्रदेश संयुक्त सचिव मिर्ज़ा मुकर्रम बेग मुगल ने सौंपा ज्ञापन, 21 जुलाई को होनी है मामले की अगली सुनवाई
आगरा। ऑल इंडिया इत्तेहाद-ए-मुस्लेमीन उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयुक्त सचिव मिर्ज़ा मुकर्रम बेग मुगल ने आगरा कॉलेज के समक्ष स्थित ऐतिहासिक दरगाह को ध्वस्त किए जाने के मामले में मंडलायुक्त आगरा को प्रार्थना-पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
मंडलायुक्त को भेजे गए पत्र में मिर्ज़ा मुकर्रम बेग मुगल ने कहा है कि आगरा कॉलेज के सामने स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की दरगाह को प्रशासन द्वारा 16 जून 2026 को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया, जबकि उक्त स्थल के संबंध में श्री कुंवर सिंह तोमर द्वारा 10 अप्रैल 2026 को माननीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन), आगरा की अदालत में वाद दायर किया गया था। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है तथा इसकी अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला लंबित होने और सुनवाई की तिथि तय होने के बावजूद की गई कार्रवाई कई कानूनी एवं प्रशासनिक प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बावजूद दरगाह को किस आदेश और किस कानूनी आधार पर हटाया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि इतिहासकार राजकिशोर राजे के अनुसार यह मजार मुगलकालीन विरासत से संबंधित थी तथा स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसे मुगल सम्राट औरंगजेब के धार्मिक गुरु की मजार माना जाता है। लगभग 250 वर्ष पुरानी यह दरगाह लंबे समय से उक्त स्थान पर स्थित थी और स्थानीय नागरिकों की आस्था एवं क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा रही है।
मिर्ज़ा मुकर्रम बेग मुगल ने कहा कि दरगाह को हटाए जाने की कार्रवाई से विभिन्न वर्गों में चिंता एवं असंतोष व्याप्त है। उन्होंने मंडलायुक्त से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, कार्रवाई से संबंधित समस्त अभिलेख सार्वजनिक करने तथा यदि किसी प्रकार की प्रक्रियात्मक त्रुटि या नियमों की अनदेखी पाई जाए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया एवं विधिक प्रावधानों का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन निष्पक्ष जांच कराकर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

