नई दिल्ली,नाबार्ड के नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित “दिवाली हाट 2025 – परंपरा से रौशन प्रगति पथ” का भव्य शुभारंभ बुधवार को एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स, बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस में हुआ। यह दस दिवसीय उत्सव 15 से 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन में देश के 15 राज्यों से आए 100 से अधिक शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) ने भाग लिया। इस हाट का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करना है।
दीपावली के पावन अवसर पर यह पहल उन ग्रामीण शिल्पकारों के जीवन में उजाला भरने का प्रयास है, जिनकी कला हमारे घरों को रंग, रोशनी और परंपरा से सजाती है। इस हाट के माध्यम से ग्रामीण उत्पादकों को हस्तनिर्मित उत्पादों के विपणन और उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का सशक्त अवसर मिलता है।
आगंतुकों को इस दिवाली हाट में जैविक मिलेट्स, गुड़, देसी घी, मसाले, केसर, सूखे मेवे, हस्तनिर्मित पश्मीना, महेश्वरी व चंदेरी साड़ियाँ, मुगा सिल्क, ज़री कार्य, वारली पेंटिंग्स और अनेक हस्तशिल्प वस्तुएँ देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक स्टॉल भारत की परंपरा, स्थिरता और पीढ़ियों से चली आ रही कला की कहानी बयाँ करता है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों की लोक कलाएँ और नृत्य रूप प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, शिल्पकार, विशिष्ट अतिथि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
नाबार्ड द्वारा आयोजित यह “दिवाली हाट” केवल एक बाजार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ग्रामीण सशक्तिकरण की रोशन पहल है। इस दीपावली पर आइए, हम सब मिलकर हर शिल्पकार के घर में समृद्धि का दीप जलाएँ — क्योंकि जब वे जगमगाते हैं, तभी भारत भी चमकता है।
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