आज के दौर में जहां स्वास्थ्य सेवाएं दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने पेशे को महज़ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि इंसानियत की खिदमत का माध्यम मानते हैं। ऐसे ही शख्सियत हैं डॉ. फरहत खान, जो एक कुशल सर्जन होने के साथ-साथ एस एम चैरिटेबल ट्रस्ट के सी.ए.ओ. के रूप में समाज सेवा की मिसाल पेश कर रहे हैं।
खिदमत का जज़्बा
डॉ. फरहत खान का मानना है कि इलाज हर इंसान का बुनियादी हक है। उनका सबसे बड़ा ख्वाब है कि “कोई भी गरीब इंसान इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवाए।” यही सोच उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। उन्होंने अपनी जिंदगी को जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।
सर्जरी से सेवा तक
एक सर्जन के तौर पर डॉ. फरहत खान ने न केवल जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं, बल्कि गरीब मरीजों के लिए मुफ्त या बेहद कम लागत पर इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। उनके पास आने वाले मरीज सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि भरोसा और इंसानियत भी पाते हैं।
एस एम चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका
एस एम चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से डॉ. फरहत खान ने स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। ट्रस्ट के जरिए समय-समय पर:
मुफ्त स्वास्थ्य शिविर
गरीब मरीजों के लिए सर्जरी
दवाइयों का वितरण
जागरूकता अभियान
जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
गरीबों के मसीहा
डॉ. फरहत खान को लोग सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि “गरीबों का मसीहा” भी कहते हैं। उनके पास दूर-दराज़ इलाकों से मरीज आते हैं, जिन्हें वे पूरी सहानुभूति और समर्पण के साथ इलाज देते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
आज के युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए डॉ. फरहत खान एक प्रेरणा हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो और इरादा मजबूत, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
डॉ. फरहत खान का यह सपना कि हर गरीब को बेहतर इलाज मिले और कोई भी बिना इलाज के इस दुनिया से न जाए, केवल एक ख्वाब नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है। उनकी सेवाएं और समर्पण समाज के लिए एक रोशनी की किरण हैं, जो उम्मीद जगाती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

