आगरा | रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में महाभारत की कालजयी नायिका द्रौपदी अपने अदम्य साहस, आत्मबल और स्वाभिमान के साथ जीवंत होकर दर्शकों के सामने आईं। शी विल इंस्पायर संस्था द्वारा आभूषण ज्वैलर्स के सहयोग से प्रस्तुत मोनोलॉग ‘द्रौपदी – द अनबाउंड स्पिरिट’ ने स्त्री-शक्ति और आत्मचेतना का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मेयर हेमलता दिवाकर, उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, समाजसेवी आनंद प्रकाश, अशु मित्तल, एडीए उपाध्यक्ष अरुण मौली, अपर्णा राजावत, मानसी चंद्रा, जितेंद्र चौहान, डॉ. रंजना बंसल, और संस्था की संस्थापक अध्यक्ष राशि गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

नारी शक्ति की बहुआयामी झलक
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की प्रेरक डॉक्यूमेंट्री से हुई। इसके बाद आयोजित वॉक ऑफ स्ट्रेंथ में संस्था की सदस्याएं—डॉ. भास्कर ज्योति, पूजा लूथरा, दिव्या गुप्ता, रुचि गुप्ता, कृतिका खन्ना, डिंपल राज, दीक्षा अश्वनी, नव्या खन्ना, कीर्ति खंडेलवाल, सान्या डावर, आयुषी गढ़, मीनाक्षी किशोर, पूजा अग्रवाल, रितुका जिंदल, पारुल जैन, दीपिका, हरमीत, नियति आदि ने नारी आत्मनिर्भता का संदेश प्रस्तुत किया।

अंजना चांडक की अविस्मरणीय द्रौपदी
मुख्य प्रस्तुति में प्रसिद्ध कलाकार अंजना चांडक ने द्रौपदी के चरित्र को आधुनिक दृष्टिकोण, गहरे भाव और मनोभूमि के साथ प्रस्तुत किया। उनके अभिनय ने द्रौपदी के साहस, करुणा, आक्रोश और आत्मसम्मान को इतनी गहराई से उभारा कि पूरे प्रेक्षागृह में भावनाओं का संचार हो गया।
मंच पर द्रौपदी ने स्पष्ट रूप से कहा:
“मेरा अस्तित्व, मेरा मान, मेरे अधिकार… इनके स्वामी कौन?”
अंजना की संवाद अदायगी ने इस प्रश्न को कालातीत और युगांतकारी बना दिया।
हर युग की स्त्री का प्रतीक
संस्थापक अध्यक्ष राशि गर्ग ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल नाटक नहीं, बल्कि हर उस स्त्री की आवाज है जो अन्याय के खिलाफ खड़ी होती है। द्रौपदी हर युग की स्त्री का प्रतीक हैं—वे सवाल उठाती हैं, विरोध करती हैं और अपनी शक्ति का अनुभव करती हैं।
इस आयोजन से प्राप्त सहयोग टीयर्स मंदबुद्धि संस्था के विशेष बच्चों को समर्पित किया गया।
आगरा में पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम ने नारी आत्मबोध, संवेदनशीलता और सामर्थ्य का अविस्मरणीय अनुभव प्रस्तुत किया। उपस्थित दर्शक द्रौपदी की सशक्त, जागृत और पुनर्परिभाषित छवि से अभिभूत रहे।

